रसूल-ए-अकरम और इमाम हसन की शहादत पर मुस्लिम इलाकों में छाया गम
मजलिस, मातम और जुलूस निकालकर अकीदतमंदों ने किया पुरसा, ताबूत पर चढ़ाए फूल
प्रयागराज, 12 अगस्त (हि.स.)। माहे सफर की 28वीं तारीख को पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मोहम्मद मुस्तफा सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम और दूसरे इमाम हजरत इमाम हसन मुज्तबा की शहादत की याद में मुस्लिम इलाकों में गम का माहौल रहा। विभिन्न स्थानों पर मजलिस, मातम और जुलूस आयोजित कर अकीदतमंदों ने शहादत का गम मनाया। इस दौरान ताबूत और अलम के साथ जुलूस निकाले गए तथा लोगों ने फूल चढ़ाकर श्रद्धांजलि अर्पित की।
करैली की वीआईपी कॉलोनी और पुरानी पानी की टंकी के पास ताबूत निकाला गया। वहीं रोशनबाग स्थित स्वर्गीय मतलूब हुसैन के अजाखाने में डॉ. सैय्यद रिजवान हैदर रिजवी ने रसूल-ए-अकरम और इमाम हसन मुज्तबा के गमगीन मसायब पढ़े। मजलिस के दौरान माहौल गमगीन हो गया और कई लोगों की आंखें नम हो गईं।
अंजुमन गुंचा-ए-कासिमया, बख्शी बाजार की ओर से मरहूम हसन असकरी का लिखा पुराना नौहा ‘शब्बीर के कांधे पर शब्बर का जनाजा है, एक भाई ने भाई का ताबूत उठाया है’ पढ़ा गया। नौहे पर अंजुमन के सदस्यों ने मातम किया। मजलिस के बाद हरी चादर, गुलाब और चमेली के फूलों से सजा ताबूत मोमबत्ती की रोशनी में निकाला गया। इसमें डॉ. रिजवान हैदर रिजवी, आफताब रिजवी, वकार रिजवी, सैय्यद मोहम्मद असकरी, अली सज्जाद, काविश रिजवी और मोहम्मद जीशान रिजवी समेत अन्य लोग शामिल रहे।
रानी मंडी से निकला मातमी जुलूस
अंजुमन मजलूमिया की ओर से रानी मंडी स्थित इमामबाड़ा हकीम अग्गन के अजाखाने से मातमी जुलूस निकाला गया। जुलूस चकय्यानीम, बच्चा जी धर्मशाला, चड्ढ़ा रोड, कोतवाली, लोकनाथ चौराहा होते हुए बहादुर तिराहे से मुड़कर इलाहाबाद डिग्री कॉलेज के पास स्थित इमामबाड़े पहुंचा, जहां जुलूस संपन्न हुआ।
जुलूस में अंजुमन मजलूमिया की ओर से पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मोहम्मद साहब और हजरत इमाम हसन मुज्तबा के दो ताबूत तथा अलम शामिल रहे। रास्ते में लोगों ने ताबूत पर फूल और मालाएं चढ़ाकर अकीदत का इजहार किया। राजन, अरशद हुसैन, इरशाद हुसैन और जिया हैदर शेरू ने पुरदर्द नौहे पढ़े। जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए।
विभिन्न इमामबाड़ों में हुई मजलिस
मस्जिद गदा हुसैन में स्वर्गीय सैय्यद अफसर हुसैन की ओर से आयोजित मजलिस के बाद ताबूत निकाला गया। अंजुमन हुसैनिया रजिस्टर्ड के नौहाख्वानों ने पुरदर्द नौहा पढ़ा।
इमामबाड़ा जद्दन मीर साहब में सैय्यद रजा हसनैन की ओर से मजलिस आयोजित की गई। नजीब इलाहाबादी के संचालन में मंज़रुल हिंदी ने सोजख्वानी की, जबकि मौलाना जाबिर अब्बास ने मजलिस को संबोधित किया। अंजुमन हैदरिया रानी मंडी के नौहाख्वानों ने भी पुरदर्द नौहा पढ़कर शहादत को याद किया। कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल