नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म दोषी को 20 साल की सजा

 


प्रयागराज, 05 नवंबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में स्थित सराय ममरेज थाने की पुलिस टीम की प्रभावी पैरवी के चलते गुरुवार को दुष्कर्म एवं अपहरण मामले के दोषी को विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट कक्ष संख्या-1 प्रयागराज की अदालत ने बीस साल की सजा और 58,500 रुपये का अर्थदंड भी लगाया।

पुलिस उपायुक्त नगर सोनम कुमार ने बताया कि जनपद के सरायममरेज थाने में वर्ष 2023 में मुकदमा अपराध संख्या 264/2023 के तहत भारतीय दंड संहिता की धारा 363, 366, 342, 376(3) और पॉक्सो अधिनियम की धारा 5/6 में मुकदमा दर्ज किया गया था। उक्त मामले में सिरसा निवासी योगेंद्र उर्फ छोटू पुत्र कमलेश पासी के खिलाफ पुलिस टीम ने न्यायालय में दोषी सिद्ध करने में कामयाब हो गई। न्यायालय ने नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में दोषी को 20 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई है। पॉक्सो अधिनियम के तहत दोषी पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। इसके अलावा अपहरण, बहला-फुसलाकर ले जाने और बंधक बनाने के आरोपों में भी अलग-अलग सजा और अर्थदंड दिया गया है।

विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट कक्ष संख्या-1 प्रयागराज की अदालत ने पांच नवंबर को अभियुक्त को दोषी करार देते हुए पॉक्सो अधिनियम की धारा 5/6 में 20 वर्ष के कारावास और 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। इसके अतिरिक्त धारा 363 में तीन वर्ष का कारावास और तीन हजार रुपये अर्थदंड, धारा 366 में पांच वर्ष का कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड तथा धारा 342 में छह माह का कारावास और 500 रुपये अर्थदंड लगाया गया। इस प्रकार कुल 58,500 रुपये का अर्थदंड लगाया गया है।

डीसीपी गंगानगर सोनम कुमार ने बताया कि ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत गंभीर अपराधों में दोषियों को सजा दिलाने के लिए गुणवत्तापूर्ण विवेचना और न्यायालय में प्रभावी पैरवी पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पुलिस का उद्देश्य पीड़ितों को न्याय दिलाना और अपराधियों को कानून के तहत दंडित कराना है। इस मामले में पुलिस और अभियोजन की समन्वित पैरवी से दोषी को सजा दिलाने में सफलता मिली है।

मामले में प्रभावी पैरवी करने वाली टीम में एडीजीसी मनोज कुमार त्रिपाठी, सरायममरेज थानाध्यक्ष अरुण कुमार सिंह, महिला कांस्टेबल कंचन देवी (कोर्ट मोहर्रिर) और कांस्टेबल रूपेश शाह (पैरोकार) शामिल रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल