राजर्षि टंडन महिला महाविद्यालय में ‘सत्य के प्रयोग’ पर लिखित प्रतियोगिता

 


छात्राओं ने उत्साह से लिया हिस्सा, गांधीजी के विचारों और जीवन मूल्यों को समझने के लिए किया प्रेरित

प्रयागराज, 09 अक्टूबर (हि.स.)। राजर्षि टंडन महिला महाविद्यालय, मालवीय नगर में शुक्रवार को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की आत्मकथा ‘सत्य के प्रयोग’ विषय पर लिखित परीक्षा प्रतियोगिता आयोजित की गई। अनंत शिक्षा निकेतन और महाविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस प्रतियोगिता में छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का निर्देशन प्रो. नमिता यादव ने किया।

प्रतियोगिता का उद्देश्य छात्राओं को महात्मा गांधी के जीवन, उनके विचारों, सत्य और अहिंसा के सिद्धांतों से परिचित कराना तथा उनके जीवन मूल्यों को अपनाने के लिए प्रेरित करना था। छात्राओं ने आत्मकथा में वर्णित प्रसंगों और गांधीजी के विचारों के आधार पर अपनी समझ का प्रदर्शन किया।

सत्य और नैतिकता के मूल्यों को जीवन में अपनाएं छात्राएं

प्रो. नमिता यादव ने कहा कि महात्मा गांधी की आत्मकथा ‘सत्य के प्रयोग’ केवल उनके जीवन का विवरण नहीं है, बल्कि सत्य, आत्मानुशासन और नैतिकता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा भी देती है। ऐसी प्रतियोगिताओं से छात्राओं में अध्ययन के प्रति रुचि बढ़ती है और उन्हें महान व्यक्तित्वों के विचारों को समझने का अवसर मिलता है। उन्होंने छात्राओं से गांधीजी के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के दौरान प्रो. नीलिमा सिंह, डॉ. वर्षा अग्रवाल, डॉ. अमितेंद्र प्रताप सिंह, डॉ. प्रियंका शर्मा, डॉ. यशस्वी सिंह, डॉ. विवेक सिंह, डॉ. शमेनाज, डॉ. अनिल कुमार और डॉ. अंशू त्रिपाठी ने भी छात्राओं को प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया।

हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल