प्राचार्य भर्ती परीक्षा की प्रोविजनल उत्तरकुंजी जारी, 02 अक्टूबर तक दर्ज करा सकेंगे आपत्ति

 


अभ्यर्थी आयोग की वेबसाइट पर अनुक्रमांक और जन्मतिथि से लॉगिन कर देख सकेंगे उत्तरकुंजी

प्रयागराज, 26 सितंबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने प्राचार्य भर्ती परीक्षा (विज्ञापन संख्या-02/2026) की लिखित परीक्षा की प्रोविजनल उत्तरकुंजी जारी कर दी है। 24 सितंबर को आयोजित लिखित परीक्षा के मास्टर सेट की उत्तरकुंजी आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर अभ्यर्थियों के अवलोकन के लिए उपलब्ध करा दी गई है। अभ्यर्थी 02 अक्टूबर 2026 की रात 11:59 बजे तक उत्तरकुंजी पर ऑनलाइन आपत्ति दर्ज करा सकेंगे।

आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने बताया कि अभ्यर्थी आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध ऑनलाइन लिंक के माध्यम से अपना अनुक्रमांक और जन्मतिथि दर्ज कर लॉगिन करने के बाद मास्टर सेट की प्रोविजनल उत्तरकुंजी से अपने उत्तरों का मिलान कर सकते हैं। उत्तरकुंजी के संबंध में आपत्ति होने पर निर्धारित समय सीमा के भीतर ऑनलाइन आपत्ति दर्ज कराई जा सकेगी।

आयोग के उप सचिव संजय कुमार सिंह ने बताया कि प्रोविजनल उत्तरकुंजी पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए अभ्यर्थियों को प्रत्येक प्रश्न के लिए 100 रुपये शुल्क देना होगा। आपत्ति केवल निर्धारित ऑनलाइन माध्यम से ही स्वीकार की जाएगी। उन्होंने कहा कि अभ्यर्थी आपत्ति दर्ज करने से पहले आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध दिशा-निर्देशों को ध्यानपूर्वक पढ़ लें। ऑनलाइन माध्यम के अतिरिक्त किसी अन्य माध्यम से प्राप्त आपत्ति पर विचार नहीं किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि अभ्यर्थी पहले आयोग की वेबसाइट पर जाकर संबंधित ऑनलाइन लिंक खोलें। इसके बाद अपना अनुक्रमांक और जन्मतिथि दर्ज कर लॉगिन करें। लॉगिन करने के बाद मास्टर सेट की प्रोविजनल उत्तरकुंजी देखी जा सकेगी। अभ्यर्थी अपने उत्तरों का मिलान करने के बाद यदि किसी प्रश्न के उत्तर पर आपत्ति करना चाहते हैं तो निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आपत्ति दर्ज कर सकते हैं।

आयोग ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार न करते हुए समय रहते उत्तरकुंजी का अवलोकन कर लें और यदि आवश्यक हो तो निर्धारित शुल्क के साथ ऑनलाइन आपत्ति दर्ज करें।

आधिकारिक वेबसाइट: https://upessc.up.gov.in

आपत्ति दर्ज करने का ऑनलाइन लिंक: https://www.upessc.net/UPESSCPrincipalQC/Login.aspx

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल