नेहरू पार्क बनेगा मिनी सफारी, हिरण और पक्षियों की प्रजातियां होंगी आकर्षण
30 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में विकसित होंगी पर्यटन सुविधाएं, बच्चों के लिए लगेंगी ज्ञानवर्धक प्रदर्शनियां मंडलायुक्त ने किया स्थलीय निरीक्षण
प्रयागराज, 22 अक्टूबर (हि.स.)। शहर में पर्यटन और मनोरंजन की सुविधाओं को बढ़ावा देने के लिए नेहरू पार्क को मिनी सफारी के रूप में विकसित करने की योजना बनाई गई है। 30 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में फैले इस पार्क में प्रवेश द्वार, मिट्टी का भ्रमण पथ, हिरण और पक्षियों की विभिन्न प्रजातियों के साथ बच्चों के लिए शैक्षिक प्रदर्शनियां विकसित की जाएंगी। इससे शहरवासियों के साथ प्रयागराज आने वाले पर्यटकों को भी प्रकृति और वन्यजीवों को करीब से जानने का अवसर मिलेगा।
इसी क्रम में गुरुवार को मंडलायुक्त डॉ. लोकेश एम. ने सेना, नगर निगम, प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ नेहरू पार्क का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने पार्क के प्राकृतिक स्वरूप, भू-आकृति और उपलब्ध क्षेत्रफल का जायजा लेते हुए विकास की संभावनाओं पर चर्चा की।
ड्रोन सर्वेक्षण के आधार पर तैयार होगी कार्ययोजना
मंडलायुक्त डॉ. लोकेश एम. ने कहा कि नेहरू पार्क को व्यवस्थित और आकर्षक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें। उन्होंने सेना और प्रयागराज विकास प्राधिकरण के बीच समन्वय स्थापित कर ड्रोन से स्थलाकृतिक सर्वेक्षण कराने के निर्देश दिए। सर्वेक्षण के आधार पर दोनों संस्थाओं के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) तैयार किया जाएगा। इसके बाद वन विभाग और संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों की मदद से विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) बनाई जाएगी। इसी रिपोर्ट के आधार पर विकास कार्यों की रूपरेखा और उन्हें पूरा करने की योजना तय होगी।
प्रकृति और वन्यजीवों से रूबरू होंगे बच्चे
प्रस्तावित योजना के तहत पार्क में प्रवेश प्लाजा और मिट्टी का भ्रमण पथ बनाया जाएगा। यहां हिरण और पक्षियों की विभिन्न प्रजातियों को लाने की योजना है। बच्चों को प्रकृति, वन्यजीवों और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने के लिए शैक्षिक प्रदर्शनियां और अन्य ज्ञानवर्धक आकर्षण भी विकसित किए जाएंगे।
मंडलायुक्त ने पार्क के प्राकृतिक स्वरूप और सफारी की जरूरतों के अनुरूप वनस्पति विकसित करने के लिए प्रभागीय वनाधिकारी से सहयोग लेने के निर्देश दिए। सेना की संबंधित इकाइयों से भी आवश्यक सहयोग मांगा जाएगा।
पीडीए संभालेगा विकास और रखरखाव की जिम्मेदारी
पार्क का विकास और रखरखाव प्रयागराज विकास प्राधिकरण करेगा। इसके संचालन और अनुरक्षण पर होने वाले खर्च के लिए पार्क से प्राप्त राजस्व का उपयोग करने की योजना है। इससे विकसित सुविधाओं का नियमित रखरखाव और सुचारु संचालन सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
झील की सफाई और जलशोधन का काम जल्द होगा शुरू
पार्क की मौजूदा स्थिति में सुधार के लिए मंडलायुक्त ने झील और पूरे परिसर की साफ-सफाई प्राथमिकता पर कराने के निर्देश दिए। नगर निगम झील में गिरने वाले नालों की टैपिंग, जलशोधन, जलकुंभी हटाने और आवश्यक वनस्पतियों की छंटाई सहित अन्य कार्य कराएगा। इन कदमों से झील और पार्क के पर्यावरणीय स्वरूप को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
निरीक्षण के दौरान डिप्टी जीओसी, पूर्वी उत्तर प्रदेश-मध्य प्रदेश सब एरिया ब्रिगेडियर नवनीत डागर, नगर आयुक्त साईं तेजा, प्रयागराज विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष ऋषिराज, कैंट बोर्ड के डीईओ और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल