आगामी पर्वाें पर बनारस-एलटीटी के बीच चलेगी विशेष ट्रेन
10 अक्टूबर से 29 नवंबर तक आठ-आठ फेरे, प्रयागराज छिवकी समेत कई स्टेशनों पर होगा ठहराव आगामी पर्वाें
प्रयागराज, 26 सितंबर (हि.स.)। आगामी पूजा पर्व के दौरान यात्रियों की बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए रेलवे ने बनारस और लोकमान्य तिलक टर्मिनस के बीच पूजा विशेष ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। गाड़ी संख्या 05167/05168 बनारस-लोकमान्य तिलक टर्मिनस-बनारस विशेष ट्रेन 10 अक्टूबर से 29 नवंबर तक चलेगी। दोनों दिशाओं में इस ट्रेन के आठ-आठ फेरे निर्धारित किए गए हैं। ट्रेन का ठहराव प्रयागराज छिवकी समेत कई प्रमुख स्टेशनों पर होगा।
उत्तर मध्य रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी अमित मालवीय ने शनिवार काे बताया कि यात्रियों की सुविधा और पूजा पर्व के दौरान अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए इस विशेष ट्रेन का संचालन किया जा रहा है। इससे यात्रियों को आवागमन के लिए अतिरिक्त रेल सुविधा मिलेगी। उन्होंने यात्रियों से अपील की कि यात्रा से पहले ट्रेन की समय-सारणी और उपलब्धता की जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें।
रेलवे के अनुसार गाड़ी संख्या 05167 बनारस-लोकमान्य तिलक टर्मिनस विशेष ट्रेन प्रत्येक शनिवार को 10 अक्टूबर से 28 नवंबर तक चलेगी। यह बनारस से सुबह 9:50 बजे रवाना होकर सुबह 10:06 बजे वाराणसी पहुंचेगी और 10:08 बजे रवाना होगी। ट्रेन दोपहर 2:15 बजे प्रयागराज छिवकी पहुंचेगी और 2:20 बजे रवाना होगी। इसके बाद मानिकपुर, सतना, मैहर, कटनी, जबलपुर, इटारसी, खंडवा, बुरहानपुर, भुसावल, नासिक, इगतपुरी, कल्याण और ठाणे होते हुए रात 10:50 बजे लोकमान्य तिलक टर्मिनस पहुंचेगी।
वापसी में गाड़ी संख्या 05168 लोकमान्य तिलक टर्मिनस-बनारस विशेष ट्रेन प्रत्येक रविवार को 11 अक्टूबर से 29 नवंबर तक चलेगी। यह लोकमान्य तिलक टर्मिनस से शाम 6:10 बजे रवाना होगी। अगले दिन दोपहर 12:30 बजे वाराणसी और शाम 7:20 बजे प्रयागराज छिवकी पहुंचेगी। यहां से 7:25 बजे रवाना होकर ट्रेन बनारस पहुंचेगी।
22 कोच की होगी ट्रेन
विशेष ट्रेन में कुल 22 कोच होंगे। इसमें एक एसएलआर, पांच सामान्य, छह स्लीपर, दो इकोनॉमी, चार एसी तृतीय, दो एसी द्वितीय, एक एसी प्रथम और एक एसएलआर/डी कोच शामिल है। रेलवे ने यात्रियों से विस्तृत समय-सारणी और संचालन संबंधी जानकारी के लिए नेशनल ट्रेन इंक्वायरी सिस्टम (एनटीईएस) अथवा हेल्पलाइन नंबर 139 का उपयोग करने की अपील की है।
हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल