स्क्रैप बेचकर उत्तर मध्य रेलवे ने जुटाए 201.91 करोड़ रुपये

 


प्रयागराज, 14 अगस्त (हि.स.)। उत्तर मध्य रेलवे ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में कबाड़ (स्क्रैप) के निस्तारण और बिक्री से अब तक 201.91 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड राजस्व अर्जित किया है। रेलवे बोर्ड की ओर से पूरे वित्तीय वर्ष के लिए निर्धारित 285 करोड़ रुपये के लक्ष्य का बड़ा हिस्सा दूसरी तिमाही के मध्य में ही हासिल कर लिया गया है। पिछले वित्तीय वर्ष की इसी अवधि में 101.82 करोड़ रुपये की स्क्रैप बिक्री हुई थी। इस बार यह बिक्री 98.30 प्रतिशत अधिक है।

उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह के नेतृत्व और प्रधान मुख्य सामग्री प्रबंधक शशि प्रकाश द्विवेदी के मार्गदर्शन में स्क्रैप के निस्तारण में तेजी लाई गई है। रेलवे परिसरों, कारखानों और स्टेशनों को कबाड़ मुक्त बनाने के लिए रेलवे बोर्ड के ‘जीरो स्क्रैप मिशन’ के तहत अभियान चलाया जा रहा है।

उत्तर मध्य रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी अमित मालवीय ने बताया कि स्क्रैप का समय से निस्तारण करने से रेलवे को राजस्व मिलने के साथ परिसरों को स्वच्छ और सुरक्षित रखने में भी मदद मिल रही है। उन्होंने कहा कि कबाड़ हटने से रेलवे की कीमती जमीन और कार्यस्थल खाली हो रहे हैं, जिनका बेहतर उपयोग किया जा सकेगा।

उन्होंने बताया कि स्क्रैप की ई-नीलामी और निस्तारण की प्रक्रिया आगे भी तेज गति से जारी रहेगी। उत्तर मध्य रेलवे का लक्ष्य ‘जीरो स्क्रैप’ अभियान को सफल बनाना, अधिक से अधिक स्क्रैप का निस्तारण करना और इससे मिलने वाले राजस्व को बढ़ाना है।

पिछले साल से लगभग दोगुना राजस्व

उत्तर मध्य रेलवे ने चालू वित्तीय वर्ष में अब तक 201.91 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया है। पिछले वर्ष इसी अवधि में 101.82 करोड़ रुपये की बिक्री हुई थी। इस तरह इस वर्ष स्क्रैप बिक्री से प्राप्त राजस्व में 98.30 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। रेलवे प्रशासन का कहना है कि आने वाले महीनों में भी ई-नीलामी की गति बनाए रखते हुए वित्तीय वर्ष के निर्धारित लक्ष्य को पार करने का प्रयास किया जाएगा। रेलवे का ‘जीरो स्क्रैप मिशन’ न केवल अतिरिक्त राजस्व जुटाने का माध्यम बन रहा है, बल्कि इससे रेलवे परिसरों को साफ-सुथरा, सुरक्षित और व्यवस्थित रखने में भी मदद मिल रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल