भ्रामक वीडियो और अनधिकृत शूटिंग पर रेलवे सख्त, सोशल मीडिया क्रिएटर्स को चेतावनी

 


रेलवे परिसर, पटरियों और ट्रेनों में बिना अनुमति वीडियोग्राफी करना दंडनीय अपराध खतरनाक स्टंट और गलत जानकारी फैलाने वालों पर होगी कार्रवाई

प्रयागराज, 04 नवंबर (हि.स.)। सोशल मीडिया पर रेल परिचालन से जुड़ी भ्रामक, अधूरी और तथ्यात्मक रूप से गलत जानकारी प्रसारित करने वालों के खिलाफ प्रयागराज मंडल ने सख्त रुख अपनाया है। मंडल प्रशासन ने सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर्स और आम नागरिकों के लिए परामर्श जारी कर रेलवे परिसर, स्टेशन, पटरियों और ट्रेन के डिब्बों में बिना अनुमति फोटो और वीडियो बनाने से बचने की चेतावनी दी है। रेलवे ने स्पष्ट किया है कि अधिक व्यूज और लाइक्स पाने के लिए पटरियों पर जाना, प्रतिबंधित क्षेत्रों में प्रवेश करना और खतरनाक स्टंट करना पूरी तरह निषिद्ध है। ऐसे कृत्य न केवल कानून का उल्लंघन हैं, बल्कि यात्रियों और रेल परिचालन की सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा पैदा करते हैं।

प्रयागराज मंडल के अनुसार, कुछ अधिक दर्शक संख्या वाले यूट्यूब चैनलों और अन्य डिजिटल मंचों पर रेल परिचालन से संबंधित रील्स और व्लॉग प्रसारित किए जा रहे हैं। इनमें कई बार अधूरी या गलत जानकारी दी जाती है। कुछ सामग्री में रेलवे की छवि को नकारात्मक रूप से प्रस्तुत करने के साथ ही अप्रत्यक्ष रूप से असुरक्षित और गैरकानूनी गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलता है। परिचालन की वास्तविक जानकारी के बिना ऐसी सामग्री प्रसारित करने से यात्रियों में भ्रम और अनावश्यक भय की स्थिति बन सकती है।

मंडल प्रशासन ने कहा है कि सक्षम रेल प्राधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना रेलवे परिसर, स्टेशन, रेल पटरियों और ट्रेन के डिब्बों में व्लॉगिंग, वीडियोग्राफी या फोटोग्राफी करना रेल अधिनियम, 1989 के तहत दंडनीय अपराध है। रेलवे परिसरों के अलावा डिपो, यार्ड और कार्यशालाओं में किसी भी तरह की शूटिंग के लिए भी नियमानुसार पहले अनुमति लेना अनिवार्य है। केवल सोशल मीडिया पर लोकप्रियता हासिल करने के लिए प्रतिबंधित स्थानों पर प्रवेश करना या जानलेवा गतिविधियां करना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

रेलवे ने कानूनी कार्रवाई की दी चेतावनी

प्रयागराज मंडल ने परामर्श में कहा है कि रेल अधिनियम, 1989 की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई के अलावा भारतीय रेल के विरुद्ध असत्य, भ्रामक अथवा मानहानिकारक सामग्री तैयार करने और प्रसारित करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 499 और 500 सहित अन्य लागू कानूनी प्रावधानों के तहत भी कार्रवाई की जाएगी। रेल संपत्ति को नुकसान पहुंचाने या सार्वजनिक सुरक्षा को खतरे में डालने वाले किसी भी प्रयास से सख्ती से निपटा जाएगा।

तथ्यों पर आधारित सुझावों का स्वागत : अमित मालवीय

उत्तर मध्य रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी अमित मालवीय ने बुधवार काे बताया कि प्रयागराज मंडल रेल परिचालन में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। यात्रियों और आम लोगों के रचनात्मक सुझावों का हमेशा स्वागत किया जाता है, लेकिन तथ्यों को तोड़-मरोड़कर प्रस्तुत करना, गलत जानकारी फैलाना और असुरक्षित गतिविधियों को बढ़ावा देना उचित नहीं है। उन्होंने सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर्स और आम नागरिकों से रेलवे परिसर में नियमों का पालन करने तथा किसी भी तरह की शूटिंग से पहले निर्धारित अनुमति लेने की अपील की।

उन्होंने कहा कि यात्रियों को रेल से जुड़ी सूचनाओं के लिए केवल रेलवे के आधिकारिक और सत्यापित स्रोतों पर ही भरोसा करना चाहिए। सभी नागरिकों और डिजिटल मीडिया प्रतिनिधियों से सुरक्षित, वैध और जिम्मेदार रेल यात्रा संस्कृति को बढ़ावा देने का आग्रह किया गया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल