स्वच्छता के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा दे रहा उत्तर मध्य रेलवे : राजकुमार वानखेड़े

 






स्वच्छता ही सेवा पखवाड़े में 14,837 स्वच्छता लक्षित इकाइयां चिह्नित, 12,246 से अधिक का हुआ कायाकल्प

प्रयागराज, 02 अक्टूबर (हि.स.)। स्वच्छता केवल सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वच्छ वातावरण के साथ पर्यावरण संरक्षण भी हमारी जिम्मेदारी है। उत्तर मध्य रेलवे स्वच्छता के साथ पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। यह बातें अपर महाप्रबंधक राजकुमार वानखेड़े ने शुक्रवार को उत्तर मध्य रेलवे मुख्यालय, सूबेदारगंज में ‘स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा-2026’ के समापन समारोह में कहीं।

17 सितंबर से दो अक्टूबर तक चले पखवाड़े का समापन ‘स्वच्छ भारत दिवस’ के अवसर पर हुआ। इस दौरान महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री की जयंती भी मनाई गई। कार्यक्रम की शुरुआत प्रधान मुख्य यांत्रिक इंजीनियर अनिल कुमार द्विवेदी द्वारा अपर महाप्रबंधक को पौधा भेंट कर स्वागत करने से हुई। इसके बाद अपर महाप्रबंधक ने अधिकारियों और कर्मचारियों को स्वच्छता की शपथ दिलाई। सभी ने महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की।

अपर महाप्रबंधक ने कहा कि स्वच्छता अभियान को जनभागीदारी से और प्रभावी बनाया जा सकता है। रेलवे के अधिकारी और कर्मचारी स्वच्छता को अपनी नियमित कार्यप्रणाली का हिस्सा बनाएं और यात्रियों को भी इसके लिए जागरूक करें।

महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह के मार्गदर्शन में पर्यावरण संरक्षण के लिए ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत मुख्यालय परिसर में वृहद पौधरोपण किया गया। उत्तर मध्य रेलवे वित्तीय वर्ष 2026-27 में दो करोड़ पौधे लगाने के लक्ष्य की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। पौधरोपण अभियान से रेलवे परिसरों को हराभरा बनाने के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।

पखवाड़े के दौरान रेलवे बोर्ड के निर्धारित पांच प्रमुख स्तंभों के तहत उत्तर मध्य रेलवे में कुल 4,770 कार्यक्रम और गतिविधियां आयोजित की गईं। स्वच्छता लक्षित इकाइयों (सीटीयू) के कायाकल्प के लिए रेलवे बोर्ड ने 3,500 इकाइयों का लक्ष्य दिया था, जबकि उत्तर मध्य रेलवे ने 14,837 इकाइयों को चिह्नित किया। इनमें से 12,246 से अधिक इकाइयों का कायाकल्प कर उन्हें स्वच्छ बनाया गया।

युवाओं में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए 555 स्वच्छता पाठशालाएं आयोजित की गईं। सफाई मित्रों की सुरक्षा और कल्याण के लिए 116 सुरक्षा शिविर लगाए गए। जनभागीदारी बढ़ाने के लिए 837 कार्यक्रम आयोजित हुए, जिनमें करीब 55 हजार लोगों ने भाग लिया।

‘स्वच्छता से समृद्धि’ के तहत 284 कार्यक्रम आयोजित किए गए। वहीं, 27 सितंबर को विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर 124 विशेष स्वच्छता कार्यक्रम भी हुए।

पखवाड़े और समापन कार्यक्रम का आयोजन मुख्यालय पर्यावरण अनुभाग की ओर से मनीष कुमार के नेतृत्व में किया गया। अधिकारियों और कर्मचारियों ने स्वच्छता को निरंतर अभियान के रूप में आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।

हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल