मोहसा-बीना रेलखंड में ऑटोमैटिक सिग्नलिंग शुरू, सुरक्षित और समयबद्ध होगा ट्रेन संचालन
एक दिन में तीन ब्लॉक सेक्शनों में शुरू हुई आधुनिक प्रणाली, 144 उपकरण लगाए गए और 39 सिग्नलों को किया गया उन्नत
प्रयागराज, 15 अक्टूबर (हि.स.)। उत्तर मध्य रेलवे के झांसी मंडल में रेल संचालन को अधिक सुरक्षित और समयबद्ध बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। मोहसा-करौंदा-अगासोद-बीना रेलखंड में ऑटोमैटिक सिग्नलिंग प्रणाली सफलतापूर्वक शुरू कर दी गई है। इससे रेल लाइन की क्षमता बढ़ेगी, ट्रेनों के संचालन में सुधार होगा और मानवीय चूक की आशंका कम होगी। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बीच झांसी प्रोजेक्ट यूनिट ने एक ही दिन में तीन ब्लॉक सेक्शनों में इस प्रणाली को चालू किया है।
उत्तर मध्य रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी अमित मालवीय ने गुरुवार काे बताया कि आधुनिक सिग्नलिंग प्रणाली रेल संरक्षा को मजबूत करने के साथ ट्रेनों की समयबद्धता और संचालन की विश्वसनीयता बढ़ाने में सहायक होगी। इसके शुरू होने से ट्रेनों को सुरक्षित अंतराल बनाए रखते हुए एक-दूसरे के पीछे अधिक सुचारू रूप से चलाया जा सकेगा। इससे रेलखंड की लाइन क्षमता में वृद्धि होगी और यात्रियों को बेहतर यात्रा सुविधा मिलेगी।
144 आधुनिक उपकरण लगाए गए
परियोजना के तहत मोहसा और करौंदा स्टेशनों पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग प्रणाली को उन्नत किया गया है। इससे सिग्नल संचालन अधिक सटीक और तेज होगा। ट्रेन की स्थिति का पता लगाने तथा सिग्नलिंग प्रणाली को अधिक भरोसेमंद बनाने के लिए रेलखंड में 144 आधुनिक एमएसडीएसी (मल्टी सेक्शन डिजिटल एक्सल काउंटर) उपकरण लगाए गए हैं।
इसके अलावा रेलखंड में 27 नए चार पहलू वाले सिग्नल लगाए गए हैं। मोहसा और करौंदा स्टेशनों पर पहले से लगे 12 सिग्नलों को भी उन्नत करके चार पहलू वाला बनाया गया है। इन सिग्नलों से लोको पायलट को दूर से ही स्पष्ट संकेत मिल सकेंगे। इससे ट्रेन की गति और नियंत्रण बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
समपार फाटक भी किया गया इंटरलॉक
रेल सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए अगासोद-करौंदा खंड में समपार फाटक संख्या 313 को भी इंटरलॉक किया गया है। इससे फाटक और सिग्नल प्रणाली के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा तथा रेल संचालन अधिक सुरक्षित बनाने में मदद मिलेगी।
उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह के मार्गदर्शन, प्रधान मुख्य सिग्नल एवं दूरसंचार अभियंता दीपक कुमार सिन्हा और झांसी मंडल के मंडल रेल प्रबंधक अनिरुद्ध कुमार के नेतृत्व में यह कार्य पूरा किया गया। इसमें मुख्यालय और झांसी प्रोजेक्ट यूनिट की टीम ने सक्रिय भूमिका निभाई।
यह कमीशनिंग झांसी मंडल के महत्वपूर्ण इंटरचेंज बिंदु पर अप और डाउन दोनों लाइनों में की गई है। आधुनिक तकनीक के उपयोग से रेल संचालन की क्षमता और संरक्षा को मजबूत करने के साथ यात्रियों को अधिक सुरक्षित, समयबद्ध और विश्वसनीय यात्रा सुविधा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल