एनसीसी कैडेटों के सर्वांगीण विकास के लिए संस्थागत सहयोग जरूरी : कर्नल रितु श्रीवास्तव रावत
15 यूपी बटालियन के 72 कैडेट अग्निवीर चुने गए, तीन भारतीय सेना में अधिकारी बने
प्रयागराज, 16 सितंबर (हि.स.)। एनसीसी कैडेटों के बेहतर प्रशिक्षण और सर्वांगीण विकास के लिए शैक्षणिक संस्थाओं और एनसीसी के बीच मजबूत समन्वय जरूरी है। प्रभावी नामांकन, गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण और एसोसिएट एनसीसी ऑफिसर्स (एएनओ) की सक्रिय भागीदारी से कैडेटों को आगे बढ़ने के बेहतर अवसर मिलते हैं। यह बातें 15 यूपी बटालियन एनसीसी की कमांडिंग ऑफिसर कर्नल रितु श्रीवास्तव रावत ने संस्थाओं के प्रमुखों की कॉन्फ्रेंस में कहीं।
15 यूपी बटालियन एनसीसी, प्रयागराज की ओर से बुधवार को एनसीसी कंपनियों और टुकड़ियों से जुड़ी शैक्षणिक संस्थाओं के प्रधानाचार्यों, कुलसचिवों और निदेशकों की कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। इसका उद्देश्य एनसीसी गतिविधियों में संस्थागत तालमेल, सहयोग और भागीदारी को मजबूत करना था।
कर्नल रितु श्रीवास्तव रावत ने कहा कि एनसीसी केवल पाठ्यक्रम से अलग कोई गतिविधि नहीं है, बल्कि अनुशासित, आत्मविश्वासी, जिम्मेदार और सेवा भावना से युक्त युवाओं को तैयार करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। इसके जरिए युवाओं में नेतृत्व क्षमता और व्यक्तित्व विकास को बढ़ावा मिलता है।
उन्होंने बताया कि 15 यूपी बटालियन के 72 एनसीसी कैडेटों का तीनों सेनाओं में अग्निवीर के रूप में चयन हुआ है, जबकि तीन कैडेट भारतीय सेना में अधिकारी बने हैं। उन्होंने कहा कि ये उपलब्धियां एनसीसी प्रशिक्षण, अनुशासन, नेतृत्व, आत्मविश्वास और संस्थागत सहयोग के महत्व को दर्शाती हैं।
कॉन्फ्रेंस में कैडेटों के नामांकन, प्रशिक्षण, एएनओ की सक्रिय भागीदारी, एनसीसी गतिविधियों में सहभागिता, संस्थागत बुनियादी ढांचे और संसाधनों की उपलब्धता सहित विभिन्न विषयों की समीक्षा की गई। कैडेटों की शिविरों, प्रशिक्षण गतिविधियों और प्रतियोगिताओं में अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी चर्चा हुई।
कमांडिंग ऑफिसर ने सभी प्रधानाचार्यों, कुलसचिवों और निदेशकों से अपनी संस्थाओं में संचालित एनसीसी इकाइयों को निरंतर सहयोग देने की अपील की। उन्होंने कहा कि कैडेटों को प्रशिक्षण, अनुभव, नेतृत्व और व्यक्तित्व विकास के अधिक से अधिक अवसर उपलब्ध कराए जाने चाहिए।
रक्षा मंत्रालय के जनसंपर्क अधिकारी एवं प्रवक्ता विंग कमांडर देबार्थो धर ने बताया कि कॉन्फ्रेंस का उद्देश्य संस्थाओं और एनसीसी इकाइयों के बीच समन्वय को और मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि कैडेटों के प्रशिक्षण और भविष्य की सफलता के लिए संस्थागत सहयोग का सकारात्मक वातावरण तैयार करना आवश्यक है। कॉन्फ्रेंस का समापन एनसीसी गतिविधियों को मजबूत करने और कैडेटों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर सहयोग का संकल्प लेने के साथ हुआ।
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हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल