गंगा की स्वच्छता से कोई समझौता नहीं : गणेश केसरवानी

 


बिना उपचारित जल गंगा में छोड़े जाने की शिकायत पर दिखाई सख्ती

प्रयागराज, 02 जून (हि.स.)। गंगा नदी की स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को लेकर नगर निगम प्रयागराज ने सख्त रुख अपनाया है। गंगा में बिना उपचारित जल छोड़े जाने की शिकायतों के बीच मंकगलवार काे महापौर गणेश केसरवानी ने बक्शी बांध स्थित 43 एमएलडी क्षमता वाले सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का औचक निरीक्षण किया और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि किसी भी स्थिति में मानकों से कम गुणवत्ता वाला जल गंगा में प्रवाहित न किया जाए।

महापौर ने एसटीपी की कार्यप्रणाली का बारीकी से जायजा लिया और मौके पर ही उपचारित जल की गुणवत्ता की जांच करवाई। उन्होंने बीओडी (बायोकेमिकल ऑक्सीजन डिमांड), सीओडी (केमिकल ऑक्सीजन डिमांड), टीएसएस (टोटल सस्पेंडेड सॉलिड्स) और पीएच वैल्यू की जांच सुनिश्चित कराई, ताकि यह पता लगाया जा सके कि गंगा में छोड़ा जा रहा जल निर्धारित पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप है या नहीं।

महापौर गणेश केसरवानी ने कहा कि गंगा करोड़ों लोगों की आस्था, जीवन और स्वास्थ्य से जुड़ी हुई है। इसकी स्वच्छता बनाए रखना नगर निगम की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही, अनियमितता या निर्धारित मानकों की अनदेखी पाई गई तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

निरीक्षण के दौरान महापौर ने एसटीपी की प्रमुख तकनीकी इकाइयों—इनलेट एनालाइजर यूनिट, ग्रिड यूनिट, एमबीबीआर (मूविंग बेड बायोफिल्म रिएक्टर) यूनिट तथा सीसीटी यूनिट—की कार्यप्रणाली, रखरखाव और संचालन व्यवस्था की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से प्रत्येक इकाई की क्षमता और वर्तमान प्रदर्शन की जानकारी लेते हुए आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए।

इसके अलावा महापौर ने निर्माणाधीन 50 एमएलडी क्षमता वाले नए एसटीपी परियोजना का भी निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति, गुणवत्ता और समयबद्धता की समीक्षा करते हुए संबंधित एजेंसियों को कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नए एसटीपी के शुरू होने से शहर की सीवेज शोधन क्षमता में वृद्धि होगी और गंगा को प्रदूषण से बचाने में बड़ी मदद मिलेगी।

निरीक्षण के दौरान बृजेश मिश्रा, दिनेश विश्वकर्मा, तीर्थराज पांडेय, हिमालय सोनकर, कुलदीप गोस्वामी, महाप्रबंधक जलकर कुमार गौरव, अधिशासी अभियंता जलकर संदीप उपाध्याय तथा गंगा प्रदूषण नियंत्रण एवं जल निगम (नगरीय) के अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने महापौर को प्लांट की वर्तमान स्थिति और संचालन संबंधी जानकारी दी।

महापौर के औचक निरीक्षण के बाद संबंधित विभागों में सक्रियता बढ़ गई है। नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि गंगा की स्वच्छता और जनस्वास्थ्य से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल