विश्व प्रसिद्ध माघ मेले की तैयारियों ने पकड़ी रफ्तार, हर गुरुवार होगी साप्ताहिक समीक्षा

 




मंडलायुक्त और पुलिस आयुक्त ने विभागवार तैयारियों की समीक्षा की, 9 पॉनटून पुल और 900 से 925 हेक्टेयर तक मेला क्षेत्र विस्तार का प्रस्ताव

प्रयागराज, 27 अगस्त (हि.स.)। माघ मेला 2026-27 को श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने की तैयारियों ने रफ्तार पकड़ ली है। मंडलायुक्त डॉ. लोकेश एम. और पुलिस आयुक्त पीयूष मोर्डिया की संयुक्त अध्यक्षता में गुरुवार को प्रयागराज मेला प्राधिकरण कार्यालय स्थित आई-ट्रिपल-सी सभागार में मेले की तैयारियों को लेकर पहली बैठक हुई।

बैठक में विभागवार कार्ययोजना की समीक्षा की गई और तैयारियों की नियमित निगरानी के लिए हर गुरुवार साप्ताहिक समीक्षा बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में जिलाधिकारी मनीष वर्मा, अपर पुलिस आयुक्त डॉ. अजय पाल, मेला अधिकारी ऋषि राज, नगर आयुक्त साईं तेजा, पुलिस उपायुक्त नीरज पांडेय समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने माघ मेले की रूपरेखा, विभागों की जिम्मेदारियों और प्रस्तावित कार्यों की जानकारी दी।

9 पॉनटून पुल, 54 टेंडर प्रस्तावित

पीडब्ल्यूडी अधिकारियों ने बताया कि आगामी माघ मेले में नौ पॉनटून पुल प्रस्तावित हैं। इनमें दो पुल अरैल क्षेत्र की ओर बनाए जाने हैं। विभिन्न कार्यों के लिए करीब 54 टेंडर प्रस्तावित हैं। मंडलायुक्त ने पूरे मेला क्षेत्र के मुख्य और गाटा मार्गों का विस्तृत लेआउट तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि प्रमुख स्नान पर्वों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए आवागमन की व्यवस्था पहले से बेहतर तरीके से तैयार की जाए। ऐसे स्थानों को पहले से चिह्नित किया जाए, जहां भीड़ बढ़ने की संभावना रहती है, ताकि वैकल्पिक मार्ग और अन्य व्यवस्थाएं समय रहते सुनिश्चित की जा सकें।

सितंबर के पहले सप्ताह में कई टेंडर

मेला क्षेत्र में भूमि समतलीकरण, स्वच्छता, टेंट, फर्नीचर आदि से जुड़े तीन टेंडर सितंबर के पहले सप्ताह में जारी किए जाने प्रस्तावित हैं। जल निगम ने बताया कि मेला क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति के लिए कुल 80 बोर उपलब्ध हैं, जिनमें से मेले के दौरान 28 बोर का उपयोग किया जाएगा। पाइपलाइन और जल निकासी से जुड़े कार्यों के टेंडर भी सितंबर के पहले सप्ताह में जारी करने की तैयारी है।

पार्किंग और यातायात पर विशेष जोर

पुलिस आयुक्त पीयूष मोर्डिया ने कहा कि माघ मेले की सफलता में पार्किंग और यातायात व्यवस्था की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने पार्किंग व्यवस्था की निगरानी के लिए एक अलग अधिकारी की तैनाती करने के निर्देश दिए, जो केवल पार्किंग व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने की जिम्मेदारी संभालेगा।

झूंसी में बसों की पार्किंग के कारण लगने वाले जाम को देखते हुए चीनी मिल के पास अतिरिक्त बस पार्किंग स्थल विकसित करने पर विचार किया जा रहा है। रेलवे और सेना के साथ समन्वय बैठकें आयोजित करने के लिए तिथियां निर्धारित करने के निर्देश भी दिए गए।

पुराने मेलों के अनुभवों से बेहतर होगी व्यवस्था

मंडलायुक्त ने वर्ष 2013 के कुंभ से अब तक आयोजित कुंभ और माघ मेलों से मिले अनुभवों और सीख का विस्तृत नोट तैयार करने को कहा। इसमें पिछले मेलों के दौरान सामने आई कमियों, चुनौतियों और बेहतर व्यवस्थाओं से जुड़े बिंदुओं को शामिल किया जाएगा। इसका उद्देश्य पुराने अनुभवों से सीख लेकर आगामी माघ मेले में व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाना है।

उन्होंने सभी विभागों को अगली बैठक में अपनी कार्ययोजना, आवश्यक आंकड़े और संबंधित क्षेत्र का मानचित्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि तैयारियों की लगातार निगरानी की जाएगी और किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

52 दिन चलेगा माघ मेला

माघ मेला 14 जनवरी से 6 मार्च 2027 तक प्रस्तावित है। इस दौरान मकर संक्रांति, पौष पूर्णिमा, मौनी अमावस्या, बसंत पंचमी, माघी पूर्णिमा और महाशिवरात्रि प्रमुख स्नान पर्व होंगे।

मेला क्षेत्र और सुरक्षा व्यवस्था के विस्तार का प्रस्ताव

वर्ष 2025-26 की तुलना में आगामी माघ मेले में मेला क्षेत्र को 844 हेक्टेयर से बढ़ाकर 900 से 925 हेक्टेयर करने का प्रस्ताव है। सेक्टरों की संख्या सात से बढ़ाकर आठ और घाटों की लंबाई 3.60 किलोमीटर से अधिक रखने का प्रस्ताव है।

पार्किंग क्षेत्र को 250 हेक्टेयर से अधिक और पार्किंग क्षमता को 1.30 लाख से अधिक वाहनों तक बढ़ाने की योजना है। यातायात व्यवस्था के लिए दो यातायात लाइन प्रस्तावित हैं।

सुरक्षा व्यवस्था को भी और मजबूत किया जाएगा। थानों, पुलिस चौकियों और अग्निशमन केंद्रों की संख्या बढ़ाने के साथ महिला एवं साइबर सहायता डेस्क की व्यवस्था को भी विस्तार देने का प्रस्ताव है। मेला क्षेत्र में 400 से अधिक और नगर क्षेत्र में 1,152 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने प्रस्तावित हैं। इसके अलावा स्नान घाटों और होल्डिंग एरिया की व्यवस्थाओं का भी विस्तार किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार इन तैयारियों का उद्देश्य माघ मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित,सुगम और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

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हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल