नवरात्र के स्वागत में फूलों से सज रहा मां आलोप शंकरी मंदिर
श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी के महासचिव श्रीमहंत यमुनापुरी महाराज ने कहा, नवरात्र में शक्तिपीठ पर उमड़ते हैं श्रद्धालु, पालने के दर्शन का विशेष महत्व
प्रयागराज, 10 अक्टूबर (हि.स.)। शारदीय नवरात्र के स्वागत में अलोपीबाग स्थित मां आलोप शंकरी देवी मंदिर में तैयारियां तेज हो गई हैं। अलोपीबाग वार्ड संख्या 48 में स्थित इस प्राचीन शक्तिपीठ के परिसर और मुख्य प्रवेश द्वार को फूलों व आकर्षक सजावटी सामग्री से सजाया जा रहा है। नवरात्र में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए मंदिर को सुंदर और व्यवस्थित रूप देने की तैयारियां की जा रही हैं। नवरात्र के आगमन से क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण है और श्रद्धालु मां के दर्शन-पूजन के लिए उत्साहित हैं।
श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी के महासचिव श्रीमहंत यमुनापुरी महाराज ने कहा कि मां आलोप शंकरी देवी मंदिर प्रयागराज की प्रमुख धार्मिक पहचान और श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। नवरात्र में यहां दूर-दूर से भक्त मां के दर्शन करने आते हैं। उन्होंने कहा कि मां के प्रति श्रद्धा और विश्वास ही भक्तों को शक्तिपीठ तक खींच लाता है। नवरात्र का पर्व मां दुर्गा की आराधना, भक्ति और साधना का विशेष अवसर है।
पालने के स्वरूप में होती है मां की पूजा
मां आलोप शंकरी देवी मंदिर की विशेषता यह है कि यहां देवी की पारंपरिक प्रतिमा के स्थान पर पालने की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, माता सती के अंग के यहां विलीन होने के कारण इस स्थान का नाम ‘अलोप’ पड़ा। इसी वजह से मंदिर को मां आलोप शंकरी शक्तिपीठ के नाम से जाना जाता है। श्रद्धालु पालने के दर्शन कर मां से सुख-समृद्धि और परिवार की मंगलकामना करते हैं।
नवरात्र में बढ़ जाती है मंदिर की रौनक
नवरात्र के दौरान मंदिर में विशेष धार्मिक उत्साह देखने को मिलता है। मुख्य द्वार और परिसर की सजावट से मंदिर की रौनक बढ़ रही है। पर्व के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। भक्त मां के दर्शन-पूजन के साथ परिवार और समाज की सुख-शांति की कामना करेंगे।
मंदिर में चल रही तैयारियां नवरात्र के उल्लास को और बढ़ा रही हैं। मां के दर्शन की प्रतीक्षा कर रहे श्रद्धालुओं के बीच उत्साह है। आस्था, भक्ति और परंपरा से जुड़ा यह शक्तिपीठ नवरात्र के अवसर पर एक बार फिर श्रद्धालुओं की चहल-पहल से गुलजार होगा।
हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल