ओपन-सोर्स तकनीक से जुड़ेंगे देश-विदेश के विशेषज्ञ, 28 से शुरू होगा ओओएससी 4.0
ट्रिपल आईटी में तीन दिवसीय सम्मेलन में एआई, लिनक्स, मशीन लर्निंग और आधुनिक तकनीकों पर होगी चर्चा
प्रयागराज, 27 अगस्त (हि.स.)। भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान इलाहाबाद (ट्रिपल आईटी) में अपॉर्च्युनिटी ओपन सोर्स कॉन्फ्रेंस (ओ ओ एससी 4.0) का आयोजन 28 से 30 अगस्त तक किया जाएगा। यह जानकारी गुरुवार काे संस्थान के जनसंपर्क अधिकारी पंकज मिश्र ने दी।
उन्होंने बताया कि तीन दिवसीय सम्मेलन में ओपन-सोर्स तकनीक से जुड़े योगदानकर्ता, सॉफ्टवेयर डेवलपर, शोधकर्ता, उद्योग विशेषज्ञ, विद्यार्थी और विभिन्न परियोजनाओं के अनुरक्षक भाग लेंगे। सम्मेलन का उद्घाटन 28 अगस्त को शाम 5:30 बजे झलवा परिसर के प्रशासनिक सभागार में होगा।
सम्मेलन का उद्देश्य विद्यार्थियों और तकनीकी क्षेत्र से जुड़े लोगों को ओपन-सोर्स तकनीक की वास्तविक कार्यप्रणाली से परिचित कराना है। इसमें प्रतिभागियों को यह समझने का अवसर मिलेगा कि वास्तविक दुनिया में सॉफ्टवेयर का विकास, संचालन और रखरखाव किस प्रकार किया जाता है तथा सामूहिक सहयोग के माध्यम से उसमें लगातार सुधार कैसे किया जाता है।
एआई से लेकर लिनक्स तक पर होगी चर्चा
सम्मेलन में लिनक्स, ओपन सोर्स और ओपनप्रिंटिंग, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, बड़े भाषा मॉडल (एलएलएम), मशीन लर्निंग, क्लाउड तकनीक, आधुनिक डेवलपर तकनीक, सिस्टम प्रोग्रामिंग, ऑपरेटिंग सिस्टम, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) और एम्बेडेड तकनीक जैसे विषयों पर विशेषज्ञ चर्चा करेंगे।
इसके अलावा गूगल समर ऑफ कोड (जीएसओसी), ओपन-सोर्स परियोजनाओं में योगदान, तकनीकी दस्तावेज तैयार करने, समुदाय निर्माण और सहयोग जैसे विषय भी सम्मेलन का हिस्सा होंगे।
कार्यशालाओं में तकनीक पर खुद काम करेंगे प्रतिभागी
सम्मेलन के दौरान विशेषज्ञ व्याख्यान और पैनल चर्चाओं के साथ तकनीकी कार्यशालाएं एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण सत्र भी आयोजित किए जाएंगे। इनमें प्रतिभागियों को विभिन्न तकनीकों और उपकरणों पर स्वयं कार्य करने का अवसर मिलेगा। इसके साथ ही नेटवर्किंग और हैकाथॉन जैसी गतिविधियां भी होंगी।
आयोजकों के अनुसार सम्मेलन का उद्देश्य केवल व्याख्यान सुनने तक सीमित नहीं है। प्रतिभागियों को नई तकनीक सीखने, उपयोगी परियोजनाएं तैयार करने और ओपन-सोर्स क्षेत्र में काम कर रहे विशेषज्ञों से सीधे जुड़ने का अवसर मिलेगा। पहली बार ओपन-सोर्स क्षेत्र में योगदान करने वाले प्रतिभागियों को भी इससे लाभ मिलेगा।
वैश्विक विशेषज्ञों से संवाद का अवसर
सम्मेलन का प्रमुख आकर्षण वैश्विक ओपन-सोर्स समुदाय के विशेषज्ञों और योगदानकर्ताओं से सीधे संवाद का अवसर होगा। इनमें टिल कैम्पीटर प्रमुख रूप से शामिल हैं, जिनका लिनक्स प्रिंटिंग और ओपन-सोर्स बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
सम्मेलन में लिनक्स, ओपनप्रिंटिंग, जेफायर, जीएसओसी, सिस्टम प्रोग्रामिंग, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और आधुनिक तकनीकी बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में कार्य कर रहे विशेषज्ञ एवं योगदानकर्ता भी शामिल होंगे। इससे विद्यार्थियों को वास्तविक दुनिया में इस्तेमाल होने वाली तकनीकों के विकास और निर्माण से जुड़े पेशेवरों से सीखने और संवाद करने का अवसर मिलेगा।
हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल