हनुमान जन्मोत्सव पर बड़े हनुमान मंदिर में गूंजे वैदिक मंत्र, पंच दुर्गा और वास्तु पूजन हवन संपन्न
महंत बलवीर गिरि जी महाराज के सानिध्य में हुए धार्मिक अनुष्ठान, प्रतिदिन भंडारे में श्रद्धालु ग्रहण कर रहे प्रसाद
प्रयागराज, 05 नवंबर (हि.स.)। विश्व प्रसिद्ध संगम स्थित श्री बड़े हनुमान जी मंदिर में कार्तिक माह के पावन अवसर पर मनाए जा रहे पांच दिवसीय हनुमान जन्मोत्सव के तीसरे दिन गुरुवार काे श्रद्धा और भक्ति के साथ पंच दुर्गा हवन एवं वास्तु पूजन हवन संपन्न हुआ। निरंजनी अखाड़े के महंत एवं बाघंबरी मठ के पीठाधीश्वर महंत बलवीर गिरि जी महाराज के सानिध्य में दक्षिण भारत से आए ब्राह्मणों और उत्तर भारत के विद्वान आचार्यों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधि-विधान से अनुष्ठान संपन्न कराए। हवन के दौरान मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से गुंजायमान रहा।
सुबह मंदिर परिसर में पंच दुर्गा हवन का आयोजन किया गया। इसमें आम की लकड़ी और गोबर के उपलों के साथ काले-सफेद तिल, जौ, अक्षत, शुद्ध गाय का घी, लौंग, इलायची, शक्कर, गुड़ और पंचमेवा सहित विभिन्न पूजन सामग्रियों की आहुतियां दी गईं। सूखा नारियल, कलावा, लाल वस्त्र और पीतल के कलश भी हवन में अर्पित किए गए। अनुष्ठान के समापन पर महाआरती हुई। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने शामिल होकर बजरंगबली का आशीर्वाद प्राप्त किया।
संध्या बेला में मंदिर परिसर में वास्तु पूजन हवन कराया गया। विद्वान आचार्यों ने वैदिक मंत्रों के साथ विधि-विधान से पूजन संपन्न कराया। इसमें श्रद्धालुओं ने भी भाग लेकर धार्मिक अनुष्ठान में अपनी सहभागिता निभाई।
पूर्वजों की परंपरा और सनातन संस्कृति से जुड़ने का अवसर है जन्मोत्सव : महंत बलवीर गिरिमहंत बलवीर गिरि जी महाराज ने कहा कि हनुमान जन्मोत्सव केवल धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि भगवान हनुमान के आदर्शों, भक्ति, सेवा, समर्पण और शक्ति को अपने जीवन में उतारने का अवसर है। बजरंगबली की आराधना से भक्तों को साहस, संयम और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है। ऐसे धार्मिक आयोजन हमारी सनातन परंपराओं को जीवंत रखने के साथ नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और आध्यात्मिक विरासत से जोड़ते हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से भगवान हनुमान के आदर्शों को जीवन में अपनाने और सेवा भाव के साथ समाज के कल्याण में योगदान देने का आह्वान किया।
महंत बलवीर गिरि जी महाराज ने हनुमान जन्मोत्सव की तैयारियों का जायजा लेकर आयोजन से जुड़ी व्यवस्थाओं का निरीक्षण भी किया। उत्सव के चलते मंदिर में सुबह से ही दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। फूलों से सजे मंदिर परिसर में दिनभर भक्तिमय वातावरण बना रहा। मंदिर में प्रतिदिन भंडारे का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण कर रहे हैं।शुक्रवार को होंगे हनुमान मूल मंत्र और कलश स्थापना अधिवास हवनपांच दिवसीय धार्मिक आयोजन के चौथे दिन शुक्रवार को सुबह हनुमान मूल मंत्र हवन और शाम को कलश स्थापना अधिवास हवन कराया जाएगा। जन्मोत्सव के तहत प्रतिदिन पूजा-अर्चना, हवन, आरती और भंडारे के माध्यम से श्रद्धालु बजरंगबली की आराधना कर रहे हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल