हनुमान जन्मोत्सव पर धन्वंतरि और महा सुदर्शन हवन से गूंजा बड़ा हनुमान मंदिर
108 प्रकार की आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों सहित पूजन सामग्रियों की दी गई आहुति महंत बलबीर गिरि जी महाराज के सानिध्य में हुए वैदिक अनुष्ठान
प्रयागराज, 04 नवंबर (हि.स.)। विश्व प्रसिद्ध संगम तट स्थित श्री बड़े हनुमान जी मंदिर में कार्तिक माह के हनुमान जन्मोत्सव पर चल रहे पांच दिवसीय धार्मिक आयोजन के दूसरे दिन बुधवार को श्रद्धा और भक्ति के साथ विशेष धन्वंतरि हवन और महा सुदर्शन हवन संपन्न हुआ। बाघंबरी मठ के महंत बलबीर गिरि जी महाराज के सानिध्य में दक्षिण भारत से आए ब्राह्मणों और उत्तर भारत के विद्वान पंडितों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधि-विधान से अनुष्ठान कराए। हवन में 108 प्रकार की आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों सहित विभिन्न पूजन सामग्रियों की आहुति देकर लोककल्याण और आरोग्य की कामना की गई।
सुबह मंदिर परिसर में भगवान धन्वंतरि के निमित्त विशेष हवन हुआ। इसमें आम की लकड़ी, देसी घी, कपूर, रोली, अक्षत, पुष्प, गंगाजल, पान के पत्ते, नारियल, शहद, धूप-दीप और 108 प्रकार की आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों को वैदिक मंत्रों के साथ अग्नि में समर्पित किया गया। अनुष्ठान में पीतल के कलश और वस्त्र भी अर्पित किए गए। हवन की पूर्णाहुति के बाद महाआरती हुई। श्रद्धालुओं ने आरती में शामिल होकर बजरंगबली के दर्शन किए और सुख-समृद्धि तथा उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।
संध्याकाल में मंदिर परिसर में महा सुदर्शन हवन का आयोजन किया गया। विद्वान आचार्यों ने वैदिक मंत्रों और विधि-विधान के साथ अनुष्ठान संपन्न कराया। इसमें श्रद्धालुओं ने भी भाग लेकर आहुतियां दीं। महंत बलबीर गिरि जी महाराज ने हनुमान जन्मोत्सव की तैयारियों का जायजा लिया और आयोजन से जुड़ी व्यवस्थाओं को देखा।
महंत बलबीर गिरि जी महाराज ने कहा कि हनुमान जन्मोत्सव केवल धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि श्रद्धा, सेवा और लोककल्याण का पर्व है। भगवान हनुमान की आराधना से भक्तों को शक्ति, साहस और संकटों से लड़ने की प्रेरणा मिलती है। धन्वंतरि हवन के माध्यम से सभी के उत्तम स्वास्थ्य और आरोग्य की कामना की गई, जबकि महा सुदर्शन हवन के जरिए विश्व कल्याण, सुख-शांति और नकारात्मक शक्तियों के शमन की प्रार्थना की गई। उन्होंने श्रद्धालुओं से धर्म, सेवा और सद्भाव के मार्ग पर चलने का आह्वान किया।
हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर मंदिर में सुबह से ही दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी रही। फूलों से सजे मंदिर परिसर में पूरे दिन भक्तिमय वातावरण बना रहा। भक्तों ने बजरंगबली के जयकारे लगाए और पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
गुरुवार को होंगे पंच दुर्गा और वास्तु पूजा हवन
उन्होंने बताया कि पांच दिवसीय धार्मिक आयोजन के तीसरे दिन गुरुवार को सुबह पंच दुर्गा हवन और शाम को वास्तु पूजा हवन किया जाएगा। उत्सव के तहत प्रतिदिन अलग-अलग धार्मिक अनुष्ठान, हवन, पूजा-अर्चना और आरती आयोजित की जा रही है।
हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल