गौशालाओं में हर हाल में सुनिश्चित की जाएं चारा, पानी और स्वास्थ्य की सुविधाएं : रमाकान्त उपाध्याय

 


प्रयागराज, 23 जून (हि.स.)। गौशालाओं में संरक्षित गौवंशों के लिए भूसा-चारा, हरा चारा, स्वच्छ पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं और साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था हर हाल में सुनिश्चित की जाएं। गौवंशों की नियमित देखभाल, टीकाकरण और चिकित्सकीय परीक्षण में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। यह बातें मंगलवार को विकास भवन के यमुना सभागार में आयोजित गो संरक्षण एवं अनुश्रवण समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए उत्तर प्रदेश गोसेवा आयोग के सदस्य रमाकान्त उपाध्याय ने कहीं।

उन्होंने कहा कि निराश्रित गौवंश आश्रय स्थलों पर ईयर टैगिंग शत-प्रतिशत कराई जाए तथा गौवंशों के लिए पर्याप्त मात्रा में भूसा, हरा चारा, प्रकाश और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध रहे। उन्होंने सभी गौशालाओं में गौवंशों की संख्या के अनुरूप हरे चारे की बुआई बढ़ाने तथा नेपियर घास लगाने पर विशेष जोर दिया। साथ ही निर्देश दिया कि पशुआहार केवल निर्धारित गुणवत्ता मानकों वाले ब्रांड का ही खरीदा जाए।

रमाकान्त उपाध्याय ने पशु चिकित्साधिकारियों को नियमित रूप से गौशालाओं का निरीक्षण करने, बीमार एवं कमजोर गौवंशों के लिए अलग व्यवस्था कर उचित उपचार उपलब्ध कराने तथा समय पर टीकाकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सहभागिता योजना के तहत अधिक से अधिक गौवंशों को गोद दिलाने पर भी बल दिया।

मानसून की तैयारियों की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि गौशालाओं में कीचड़ से बचाव के लिए पक्की ईंटें बिछाई जाएं अथवा ऊंचे स्थानों की व्यवस्था की जाए। साथ ही आंधी से क्षतिग्रस्त टीन शेडों की तत्काल मरम्मत कराने के निर्देश दिए।

बैठक में उन्होंने गोबर एवं गौमूत्र के बेहतर उपयोग के लिए नवाचार अपनाने तथा स्वयं सहायता समूहों और अन्य संगठनों के माध्यम से गौशालाओं की आय बढ़ाने की कार्ययोजना तैयार करने पर भी जोर दिया। बैठक में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ शिवनाथ यादव एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल