गांधी हर युग में रहेंगे प्रासंगिक : प्रो. अजय प्रकाश खरे
गांधी जयंती की पूर्व संध्या पर राजर्षि टंडन महिला महाविद्यालय में भजनों से गूंजा परिसर
प्रयागराज, 01 अक्टूबर (हि.स.)। महात्मा गांधी की सरलता, सहजता और उनके विचार हर युग में प्रासंगिक रहेंगे। गांधी का दर्शन भेदभाव से परे मानवता और समानता का संदेश देता है। उनके सिद्धांतों को जीवन में अपनाकर समाज को बेहतर दिशा दी जा सकती है। यह बातें गुरुवार को गांधी जयंती की पूर्व संध्या पर राजर्षि टंडन महिला महाविद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महाविद्यालय, संघटक इलाहाबाद विश्वविद्यालय के प्राचार्य प्रो. अजय प्रकाश खरे ने कहीं।
कार्यक्रम का आयोजन प्रो. नमिता यादव के संयोजन में किया गया। प्राचार्य प्रो. अजय प्रकाश खरे ने महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के छायाचित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
इसके बाद प्रो. नमिता यादव के निर्देशन में संगीत विभाग की छात्राओं सौम्या मालवीय, वैष्णवी, लक्ष्मी, मीनाक्षी, तनु और प्रिया राजपूत ने गांधी जी के प्रिय भजनों की प्रस्तुति दी। छात्राओं ने ‘रघुपति राघव राजा राम’, ‘वैष्णव जन तो तेने कहिए’ और ‘हे राम, हे राम’ जैसे भजनों से वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
कार्यक्रम में वैशाली ने महात्मा गांधी के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डाला। तन्नू सिंह और खुशी ने कविता पाठ प्रस्तुत किया। वक्ताओं ने गांधी जी के विचारों, सादगी और समाज के प्रति उनके योगदान को याद किया।
कार्यक्रम के अंत में प्रो. नीलिमा सिंह ने धन्यवाद ज्ञापित किया। संचालन डॉ. यशस्वी सिंह ने किया। इस अवसर पर प्रो. नीलिमा सिंह, डॉ. अमितेंद्र प्रताप सिंह, डॉ. प्रियंका शर्मा, डॉ. विवेक सिंह, डॉ. शमीनाज बानो, डॉ. वर्षा अग्रवाल, डॉ. अंशू, डॉ. अनिल यादव, डॉ. यशस्वी पांडेय, डॉ. अभिषेक, नवीन तिवारी सहित महाविद्यालय के शोधार्थी और छात्राएं उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल