खेती के साथ पशुपालन से बढ़ाएं किसानों की आय : कुलदीप सिंह

 


सेवा सेतु-सरकार आपके द्वार कार्यक्रम में किसानों को योजनाओं की जानकारी, प्रगतिशील कृषकों को बीज मिनीकिट वितरित

प्रयागराज, 30 सितंबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश किसान समृद्धि आयोग के सदस्य कुलदीप सिंह ने बुधवार को किसानों से खेती के साथ पशुपालन को भी आय का साधन बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आधुनिक कृषि तकनीक अपनाने के साथ पशुपालन से किसानों की आमदनी बढ़ाई जा सकती है। उन्होंने पशुपालकों से नंदिनी योजना का लाभ लेने की अपील की। साथ ही किसान समृद्धि ऋण योजना की जानकारी देते हुए बताया कि किसान अपनी कृषि आवश्यकताओं के लिए छह प्रतिशत की ब्याज दर पर छह लाख रुपये तक का ऋण प्राप्त कर सकते हैं।

सेवा संकल्प अभियान के तहत सोमवार को विकासखंड जसरा एवं चाका में ‘सेवा सेतु-सरकार आपके द्वार’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। बहुउद्देशीय जनसेवा एवं जनकल्याण शिविर में विभिन्न विभागों ने स्टॉल लगाकर लोगों को सरकारी योजनाओं की जानकारी दी। शिविर का उद्देश्य पात्र लोगों को योजनाओं से जोड़ना, वंचित लाभार्थियों का पंजीकरण करना और मौके पर जनसमस्याओं का समाधान करना रहा।

कार्यक्रम में किसान समृद्धि आयोग के सदस्य कुलदीप सिंह ने कृषि और पशुपालन से जुड़ी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने किसानों को आधुनिक कृषि पद्धतियां अपनाने और आय के नए साधन विकसित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि कृषि के साथ पशुपालन को अपनाकर किसान अपनी आर्थिक स्थिति को और मजबूत कर सकते हैं।

सहायक विकास अधिकारी कृषि नीरज सोनी और प्रभारी राजकीय कृषि बीज भंडार जयवीर सिंह ने किसानों को कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने उन्नत बीज, कृषि यंत्रीकरण, फसल विविधीकरण, मृदा परीक्षण, प्राकृतिक एवं टिकाऊ कृषि, सिंचाई तथा दलहन-तिलहन उत्पादन से संबंधित योजनाओं के बारे में बताया। पात्र किसानों से इन योजनाओं का लाभ लेने की अपील की गई।

शिविर में किसान समृद्धि आयोग के सदस्य ने विकासखंड जसरा और चाका के प्रगतिशील किसानों को प्रोत्साहन स्वरूप सरसों और मसूर के बीज मिनीकिट नि:शुल्क वितरित किए। शिविर में कृषि, राजस्व, ग्राम्य विकास, पंचायतीराज, समाज कल्याण, महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य, पशुपालन, खाद्य एवं रसद, श्रम और कौशल विकास समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। जनप्रतिनिधियों के साथ बड़ी संख्या में किसान भी शामिल हुए।

हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल