एआई के दौर में भी शिक्षक का स्थान कोई नहीं ले सकता : प्रो. सत्यपाल तिवारी

 




प्रयागराज, 05 सितंबर (हि.स.)। दुनिया कितनी भी आधुनिक हो जाए और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के कितने ही उपकरण क्यों न आ जाएं, शिक्षक का स्थान कोई नहीं ले सकता। शिक्षक अपने आप में पूर्ण होता है और समाज को सही दिशा देने में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। यह विचार शनिवार को उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय के मानविकी विद्याशाखा के निदेशक प्रो. सत्यपाल तिवारी ने व्यक्त किए।

उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय के सरस्वती परिसर स्थित लोकमान्य तिलक शास्त्रार्थ सभागार में शनिवार को डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिवस के अवसर पर शिक्षक दिवस कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रो. सत्यपाल तिवारी ने कहा कि शिक्षक समाज का मार्गदर्शन करने वाला महत्वपूर्ण स्तंभ है। बदलते समय और आधुनिक तकनीक के बावजूद शिक्षक की भूमिका हमेशा बनी रहेगी।

कार्यक्रम की मुख्य वक्ता प्रो. रुचि वाजपेई ने कहा कि डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्मदिन शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह दिवस शिक्षकों के योगदान और समाज निर्माण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करता है।

वक्ता प्रो. संजय कुमार सिंह ने कहा कि प्रत्येक शिक्षक अपने आप में महत्वपूर्ण होता है। शिक्षक ही समाज का मार्ग प्रशस्त करता है और उसका योगदान जीवन के सभी क्षेत्रों में होता है।

कार्यक्रम का समन्वय समाज विज्ञान विद्याशाखा के निदेशक प्रो. संतोष कुमार ने किया। संयोजक प्रो. आनंदानंद त्रिपाठी, आयोजन सचिव डॉ. दीपशिखा श्रीवास्तव तथा सह-आयोजन सचिव डॉ. सुभाष चन्द पाल रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. सुनील कुमार ने किया।

कार्यक्रम के अंत में प्रो. आनंदानंद त्रिपाठी ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के शिक्षकों को पुष्प भेंट कर सम्मानित किया गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल