आध्यात्मिक पर्यटन के वैश्विक केंद्र के रूप में उभर रहा उत्तर प्रदेश : दिनेश प्रताप सिंह

 


वुमेन एंड पिलग्रिमेज समिट’ में बोले कृषि राज्यमंत्री, तीर्थ पर्यटन के विस्तार और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में महिलाओं की भूमिका महत्वपूर्ण

प्रयागराज, 23 सितंबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश आध्यात्मिक पर्यटन के वैश्विक केंद्र के रूप में उभर रहा है। तीर्थ एवं आध्यात्मिक पर्यटन के विस्तार, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और इस क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी से विकास की नई संभावनाएं तैयार हो रही हैं। यह बात उत्तर प्रदेश सरकार के उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं कृषि निर्यात राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने बुधवार को होटल रेडिसन में आयोजित ‘वुमेन एंड पिलग्रिमेज समिट-प्रयागराज 2026’ में कही।

एक निजी मीडिया संस्थान की ओर से आयोजित सम्मेलन में राज्यमंत्री ने कहा कि प्रयागराज की आध्यात्मिक पहचान और उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा को केंद्र में रखकर इस तरह का आयोजन महत्वपूर्ण है। सम्मेलन में तीर्थ एवं आध्यात्मिक पर्यटन के विस्तार, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और पर्यटन क्षेत्र में महिलाओं की भूमिका व नेतृत्व जैसे विषयों पर चर्चा की गई।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश में आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रयास किए जा रहे हैं। इसमें नारी शक्ति की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। महिलाओं की भागीदारी बढ़ने से पर्यटन क्षेत्र में रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर विकसित हो सकते हैं।

राज्यमंत्री ने कहा कि प्रयागराज जैसे धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व वाले शहरों की पहचान को पर्यटन से जोड़कर देश-विदेश के पर्यटकों तक पहुंचाने की आवश्यकता है। इसके लिए सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखते हुए आधुनिक सुविधाओं का विस्तार जरूरी है।

उन्होंने कहा कि ऐसे सम्मेलन विचारों के आदान-प्रदान का मंच उपलब्ध कराते हैं। इससे तीर्थ पर्यटन के क्षेत्र में संभावनाओं, चुनौतियों और महिलाओं की भागीदारी पर सार्थक संवाद को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।

हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल