रसोइयों का मानदेय बढ़ाकर तीन हजार रुपये किया, अब पांच लाख तक कैशलेस इलाज की सुविधा : केशव मौर्य

 


उप मुख्यमंत्री बोले- सरकार रसोइयों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध, साफ-सफाई के साथ बच्चों को भोजन उपलब्ध कराएं

प्रयागराज, 23 अगस्त (हि.स.)। प्रदेश सरकार ने बेसिक शिक्षा विद्यालयों में बच्चों के लिए भोजन तैयार करने वाली रसोइयों का मानदेय 2000 रुपये से बढ़ाकर 3000 रुपये प्रतिमाह कर दिया है। इसके साथ ही उन्हें और उनके आश्रितों को प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई है। उक्त बातें उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने रविवार को सर्किट हाउस सभागार में आयोजित रसोइयों के सम्मान समारोह में कहीं।

उन्होंने कहा कि सरकार गरीबों और जरूरतमंदों के कल्याण के लिए पूरी तरह समर्पित है। उन्होंने कहा कि रसोइयों की आगे भी जो समस्याएं होंगी, उनके समाधान का प्रयास किया जाएगा।

कार्यक्रम में लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आयोजित रसोइयों के सम्मान समारोह का सजीव प्रसारण भी किया गया। उप मुख्यमंत्री ने अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और रसोइयों को कैशलेस चिकित्सा कार्ड के प्रतीकात्मक कार्ड प्रदान किए।

पहले 1000, फिर 2000 और अब 3000 रुपये हुआ मानदेय

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि रसोइयों का मानदेय पहले केवल 1000 रुपये प्रतिमाह था। सरकार ने इसे बढ़ाकर पहले 2000 रुपये और अब 3000 रुपये प्रतिमाह किया है। उन्होंने रसोइयों को बढ़े हुए मानदेय की बधाई देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार उनकी मांगों और समस्याओं के समाधान के लिए लगातार काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि विद्यालयों में रसोइयां लाखों बच्चों के लिए भोजन तैयार करती हैं। वह मां के पवित्र दायित्व की तरह बच्चों की सेवा कर रही हैं। इसलिए उनका सम्मान और सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है।

पांच लाख रुपये तक मुफ्त इलाज

केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि सरकार ने प्रदेश की करीब 3.72 लाख रसोइयों और उनके आश्रितों को कैशलेस स्वास्थ्य सुरक्षा उपलब्ध कराई है। आयुष्मान भारत योजना की तर्ज पर उन्हें हर वर्ष पांच लाख रुपये तक के कैशलेस उपचार की सुविधा मिलेगी। प्रयागराज में नौ हजार से अधिक रसोइयों और उनके परिवारों को इसका लाभ मिलने की बात कही गई।

उन्होंने कहा कि कैशलेस चिकित्सा सुविधा सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक है। रसोइयां और उनके परिवार बीमारी के समय आर्थिक संकट में न पड़ें, इसी उद्देश्य से यह सुविधा शुरू की गई है।

साफ-सफाई का रखें विशेष ध्यान

उप मुख्यमंत्री ने रसोइयों से अपील की कि विद्यालयों में बच्चों के लिए भोजन तैयार करते समय स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें। भोजन साफ-सफाई के साथ तैयार किया जाए और बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाए।

उन्होंने कहा कि सरकार गरीबों को राशन, आवास, नल से जल, किसान सम्मान निधि तथा विभिन्न पेंशन योजनाओं सहित अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दे रही है। सरकार का उद्देश्य पात्र लोगों तक योजनाओं का लाभ समान रूप से पहुंचाना है।

रसोइयां विद्यालयी पोषण व्यवस्था की आधारशिला

विद्यालयों में कार्यरत रसोइयों को प्रधानमंत्री पोषण योजना का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए कहा गया कि वे केवल भोजन पकाने का काम नहीं करतीं, बल्कि बच्चों के पोषण, खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। स्थानीय महिलाओं को रसोइया के रूप में रोजगार मिलने से महिला सशक्तीकरण को भी बढ़ावा मिला है।

सांसद प्रवीण पटेल ने कहा कि विद्यालयों के संचालन में रसोइयों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने को सरकार की सराहनीय पहल बताया।

कार्यक्रम में विधायक बारा डॉ. वाचस्पति, विधायक शहर उत्तर हर्षवर्धन वाजपेयी, विधान परिषद सदस्य सुरेंद्र चौधरी, भाजपा गंगापार अध्यक्ष निर्मला पासवान, यमुनापार अध्यक्ष राजेश शुक्ला, जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा, मुख्य विकास अधिकारी हर्षिका सिंह, जिला विकास अधिकारी जीपी कुशवाहा, परियोजना निदेशक भूपेंद्र कुमार सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अनिल कुमार समेत अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल