विकसित पंचायत से हाेगी विकसित भारत के निर्माण की शुरुआत : केशव प्रसाद मौर्य
पंच सम्मेलन में उपमुख्यमंत्री ने कहा—2047 से पहले सभी ग्राम पंचायतों को विकसित बनाने का लक्ष्य
प्रयागराज, 13 अगस्त (हि.स.)। विकसित भारत के निर्माण की शुरुआत विकसित पंचायत से होगी। जिस तरह प्रयागराज में विकास के बड़े काम हो रहे हैं, उसी तरह गांवों की तस्वीर भी बदलनी चाहिए। वर्ष 2047 से पहले प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों को विकसित पंचायत बनाना सरकार का लक्ष्य है। यह बातें गुरुवार को राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय में आयोजित ‘पंच सम्मेलन’ में बतौर मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश सरकार के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहीं।
उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत अब केवल काम कराने वाली संस्था नहीं, बल्कि योजनाओं के क्रियान्वयन और ग्रामीण विकास का केंद्र है। उन्होंने ग्राम प्रधानों से पंचायतों के विकास के लिए पूरी जिम्मेदारी और पारदर्शिता के साथ काम करने का आह्वान किया।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि वीबी-जी राम जी योजना का शुभारंभ एक जुलाई 2026 को हुआ था। उन्होंने कहा कि योजना के तहत ग्राम सभाओं के विकास के लिए अभी जिस स्तर पर श्रमशक्ति लगनी चाहिए, वह पूरी तरह नहीं लग पाई है। उन्होंने ग्राम प्रधानों और अन्य संबंधित लोगों से योजना के क्रियान्वयन में आ रही समस्याओं की जानकारी ली और कहा कि समस्याएं लिखित रूप में दी जाएं, उनका जल्द समाधान कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार गांवों के सर्वांगीण विकास के लिए काम कर रही है और विकास कार्यों के लिए बजट की कमी नहीं है। सरकार का उद्देश्य गरीब परिवारों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है। पात्र लोगों को आवास उपलब्ध कराए जा रहे हैं और आगे भी पात्र परिवारों को योजनाओं का लाभ दिया जाएगा।
उप मुख्यमंत्री ने ग्राम प्रधानों से 15 अगस्त को अमृत सरोवरों की साफ-सफाई कराने और वहां कार्यक्रम आयोजित करने का आह्वान किया। उन्होंने पंचायतों में किए जा रहे अच्छे कार्यों का सोशल मीडिया के माध्यम से प्रचार-प्रसार करने को भी कहा। सरकारी कर्मचारियों से ईमानदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायत और ग्राम पंचायत तीनों मिलकर ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को गति दें। प्रदेश में बिजली व्यवस्था में सुधार हुआ है और गांवों में निर्धारित समय के अनुसार बिजली की आपूर्ति की जा रही है। सड़कों, पुलों, ओवरब्रिज, गंगा एक्सप्रेस-वे और रिंग रोड जैसी परियोजनाओं से प्रयागराज की कनेक्टिविटी बेहतर हुई है। उन्होंने कहा कि जिस तरह प्रयागराज की तस्वीर बदली है, उसी तरह गांवों की स्थिति भी बदलनी चाहिए। सभी ग्राम प्रधान इसी लक्ष्य के साथ काम करें।
इससे पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ उप मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्ज्वलित और मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया। इस दौरान उन्होंने विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण (वीबी-जी राम जी) से संबंधित संक्षिप्त मार्गदर्शिका पुस्तिका का विमोचन किया। राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, फाफामऊ की छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया।
सम्मेलन में विभिन्न ग्राम पंचायतों से आए ग्राम प्रधानों ने भाग लिया। इसका उद्देश्य ग्राम पंचायतों की क्षमता बढ़ाना और वीबी-जी राम जी अधिनियम को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए जमीनी स्तर पर तैयारियों को मजबूत करना था। ग्राम प्रधानों को अधिनियम के प्रमुख प्रावधानों और उद्देश्यों की जानकारी दी गई। साथ ही ग्राम पंचायत विकास योजनाओं, पारदर्शिता, जवाबदेही और विभिन्न सरकारी योजनाओं के बेहतर समन्वय पर चर्चा हुई।
प्रयागराज में 3034 कार्य चल रहे
सम्मेलन में बताया गया कि प्रयागराज में वीबी-जी राम जी योजना के तहत 3034 कार्य चल रहे हैं। इनमें पांच लाख रुपये से अधिक लागत वाली 118 परियोजनाएं शामिल हैं। जिले में 2742 महिला मेट हैं। योजना के तहत अब तक 1,85,701 मानव दिवस सृजित हुए हैं, जिनमें महिलाओं के 87,249 और अनुसूचित जाति के 85,154 मानव दिवस शामिल हैं। जिले में कुल 2,42,660 सक्रिय श्रमिक हैं।
कार्यक्रम में विधायक फाफामऊ गुरु प्रसाद मौर्य, यमुनापार भाजपा जिलाध्यक्ष राजेश शुक्ला, क्षेत्रीय अध्यक्ष भाजपा अवधेश गुप्ता, ब्लॉक प्रमुख, मुख्य विकास अधिकारी हर्षिका सिंह, जिला विकास अधिकारी जीपी कुशवाहा, परियोजना निदेशक भूपेंद्र सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी दिनेश सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी रवि शंकर द्विवेदी, सभी खंड विकास अधिकारी, ग्राम प्रधान और अन्य अधिकारी व जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. प्रभाकर त्रिपाठी ने किया।
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हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल