अवैध निर्माण और अतिक्रमण पर पीडीए की सख्ती, नियमों के अनुपालन को लेकर जारी की चेतावनी
प्रयागराज, 22 जून (हि.स.)। प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) ने शहर में अवैध निर्माण और अनधिकृत गतिविधियों के विरुद्ध अपनी कार्रवाई तेज करते हुए स्पष्ट किया है कि बिना स्वीकृति किए गए निर्माण किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किए जाएंगे। प्राधिकरण ने भवन स्वामियों और संबंधित विभागों को नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। यह जानकारी सोमवार को पीडीए के जोनल अधिकारी बृजेश कुमार ने दी।
उन्होंने बताया कि सिविल लाइंस क्षेत्र स्थित एक भवन में बिना प्राधिकरण की अनुमति के निर्माण किए जाने के मामले में नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। संबंधित निर्माण के विरुद्ध उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम, 1973 के प्रावधानों के तहत नोटिस जारी करने के साथ ध्वस्तीकरण आदेश भी पारित किया गया है।
उन्होंने बताया कि प्राधिकरण द्वारा संबंधित पक्षों को पर्याप्त समय दिया गया, साथ ही विभिन्न विभागों को आवश्यक पत्राचार कर वैधानिक प्रक्रिया का पालन किया गया। इसके बावजूद निर्धारित निर्देशों का अनुपालन नहीं किया गया है।
जोनल अधिकारी बृजेश कुमार ने कहा कि प्रयागराज को सुनियोजित, व्यवस्थित और सुरक्षित शहर बनाने के लिए निर्माण संबंधी सभी नियमों का पालन अनिवार्य है। प्राधिकरण का उद्देश्य किसी को असुविधा पहुंचाना नहीं, बल्कि शहर के नियोजित विकास और सार्वजनिक हित को सुरक्षित रखना है।
उन्होंने कहा कि पीडीए अवैध निर्माण, अनधिकृत कब्जों और नियमों के उल्लंघन के मामलों में शून्य सहिष्णुता की नीति पर कार्य कर रहा है। भविष्य में भी ऐसे मामलों में नियमानुसार सीलिंग, ध्वस्तीकरण और अन्य आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
बृजेश कुमार ने नागरिकों से अपील की कि किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य शुरू करने से पहले प्राधिकरण से आवश्यक स्वीकृति अवश्य प्राप्त करें। इससे न केवल कानूनी जटिलताओं से बचा जा सकेगा, बल्कि शहर के सुव्यवस्थित विकास में भी सभी की सहभागिता सुनिश्चित होगी।
प्राधिकरण का मानना है कि नियमों के अनुरूप विकास कार्यों से प्रयागराज को आधुनिक, सुरक्षित और व्यवस्थित नगरी के रूप में विकसित करने के लक्ष्य को और मजबूती मिलेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल