नियमित स्वैच्छिक रक्तदान से जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराया जा सकता है : प्रो. वत्सला मिश्रा
एसआरएन अस्पताल के रक्तकेंद्र को प्रदेश में दूसरा स्थान, वर्ष 2025-26 में 92.67 प्रतिशत रक्त स्वैच्छिक रक्तदान से मिला
प्रयागराज, 03 अक्टूबर (हि.स.)। स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय (एसआरएन) के रक्तकेंद्र को स्वैच्छिक रक्तदान के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रदेश में दूसरा स्थान मिला है। ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग की विभागाध्यक्ष एवं रक्तकेंद्र प्रभारी प्रो. वत्सला मिश्रा ने शनिवार को कहा कि नियमित स्वैच्छिक रक्तदान से जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि का श्रेय रक्तदाताओं, सहयोगी संस्थाओं और रक्तकेंद्र के कर्मचारियों के सामूहिक प्रयास को दिया। इस संबंध में जानकारी देते हुए शनिवार को मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के सह आचार्य डॉ संतोष सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस पर एक अक्टूबर को लखनऊ में आयोजित राज्य स्तरीय सम्मान समारोह में राज्य रक्त संचरण परिषद की ओर से एसआरएन अस्पताल के रक्तकेंद्र को यह सम्मान प्रदान किया गया। समारोह का आयोजन एसजीपीजीआई, लखनऊ के ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग के तत्वावधान में हुआ।
रक्तकेंद्र के अनुसार, वर्ष 2025-26 में कुल रक्तसंग्रह का 92.67 प्रतिशत हिस्सा स्वैच्छिक रक्तदान से प्राप्त हुआ। इसी अवधि में थैलेसीमिया के मरीजों को 1325 यूनिट और अन्य गंभीर मरीजों को 1249 यूनिट रक्त बिना प्रतिस्थानी रक्तदाता के उपलब्ध कराया गया। रक्त का उपयोग थैलेसीमिया, कैंसर, गर्भवती महिलाओं और दुर्घटनाओं में गंभीर रूप से घायल मरीजों के उपचार में किया जाता है।
प्रो. वत्सला मिश्रा ने कहा कि यह सम्मान रक्तदाताओं और सहयोगी संस्थाओं के साथ रक्तकेंद्र की पूरी टीम की निरंतर मेहनत का परिणाम है। उन्होंने सभी रक्तदाताओं और सहयोगियों के प्रति आभार जताते हुए स्वस्थ लोगों से नियमित रूप से स्वैच्छिक रक्तदान के लिए आगे आने की अपील की।
मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रो. ए.के. वर्मा ने कहा कि एसआरएन अस्पताल के रक्तकेंद्र को प्रदेश में दूसरा स्थान मिलना मेडिकल कॉलेज और प्रयागराज के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान रक्तकेंद्र की टीम और स्वैच्छिक रक्तदाताओं की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
उन्होंने स्वस्थ नागरिकों से रक्तदान के लिए आगे आने का आह्वान किया। रक्तकेंद्र की यह उपलब्धि मरीजों को सुरक्षित और समय पर रक्त उपलब्ध कराने की दिशा में किए जा रहे निरंतर प्रयासों को रेखांकित करती है।
हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल