प्रबंधन के गुर सीखने के लिए कक्षा से बाहर निकलकर गतिविधियों में लें भाग : डॉ. आनंद कुमार गुप्ता
मोनिरबा और इलाहाबाद मैनेजमेंट एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में प्रबंधन विकास कार्यक्रम आयोजित, 100 से अधिक विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा
प्रयागराज, 12 अक्टूबर (हि.स.)। प्रबंधन की वास्तविक समझ केवल कक्षा में पढ़ने से नहीं, बल्कि गतिविधियों में भाग लेने, मिलकर काम करने और व्यावहारिक परिस्थितियों में निर्णय लेने से विकसित होती है। प्रबंधन के विद्यार्थियों को खेल और समूह गतिविधियों के माध्यम से नेतृत्व, संवाद, सहयोग और समस्या समाधान जैसे कौशल सीखने चाहिए। इससे वे भविष्य में व्यावसायिक चुनौतियों का आत्मविश्वास के साथ सामना कर सकेंगे। यह बातें यूनाइटेड यूनिवर्सिटी, प्रयागराज के वाणिज्य एवं प्रबंधन संकाय के विभागाध्यक्ष डॉ. आनंद कुमार गुप्ता ने सोमवार को इलाहाबाद विश्वविद्यालय के मोतीलाल नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ रिसर्च एंड बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (मोनिरबा) में आयोजित प्रबंधन विकास कार्यक्रम में कहीं।
मोनिरबा और इलाहाबाद मैनेजमेंट एसोसिएशन (एएमए) के संयुक्त तत्वावधान में ‘कक्षा से आगे प्रबंधन : प्रबंधन खेलों के माध्यम से अनुभवात्मक अधिगम’ विषय पर आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों के 100 से अधिक विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। दोपहर 1:30 से शाम पांच बजे तक चले कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को गतिविधियों के माध्यम से प्रबंधन के सिद्धांतों की व्यावहारिक जानकारी देना था।
खेलों से सीखा नेतृत्व और निर्णय लेने का कौशल
कार्यक्रम के दौरान प्रबंधन खेलों और समूह गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को टीम भावना, नेतृत्व क्षमता, संवाद कौशल, निर्णय लेने और समस्याओं का समाधान करने के तरीके समझाए गए। डॉ. आनंद कुमार गुप्ता ने गतिविधियों के जरिए बताया कि सामूहिक प्रयास, आपसी सहयोग और परिस्थितियों का सही आकलन प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। विद्यार्थियों ने गतिविधियों में भाग लेकर एक-दूसरे के अनुभवों से भी सीखने का अवसर प्राप्त किया।
कार्यक्रम के निदेशक प्रो. जीबीएस जौहरी, प्रोफेसर एवं अध्यक्ष, वाणिज्य एवं व्यवसाय प्रशासन विभाग, इलाहाबाद विश्वविद्यालय रहे। मुख्य अतिथि के रूप में मध्य प्रदेश के रीवा स्थित एपीएस विश्वविद्यालय के प्रबंधन संकाय के डीन प्रो. अतुल पांडेय उपस्थित रहे।
प्रबंधन शिक्षा को व्यावहारिक बनाने पर जोर
कार्यक्रम का समन्वय इलाहाबाद विश्वविद्यालय के वाणिज्य एवं व्यवसाय प्रशासन विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. एसी पांडेय और इलाहाबाद मैनेजमेंट एसोसिएशन के सचिव डॉ. नवनीत सिंह ने किया। डॉ. नवनीत सिंह ने कार्यक्रम का संचालन भी किया।
इस अवसर पर एएमए के तत्काल पूर्व अध्यक्ष रवि प्रकाश ने एसोसिएशन का परिचय देते हुए प्रबंधन शिक्षा और व्यावसायिक विकास को बढ़ावा देने में इसकी भूमिका बताई। एएमए के पूर्व अध्यक्ष विभव बाजपेयी ने कार्यक्रम के प्रशिक्षक डॉ. आनंद कुमार गुप्ता का परिचय कराया। एएमए के अध्यक्ष ओपी गोयल ने कार्यक्रम में योगदान के लिए डॉ. एसी पांडेय और डॉ. आनंद कुमार गुप्ता को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया।
कार्यक्रम का मूल संदेश ‘खेलें, सहभागी बनें, सहयोग करें, नेतृत्व करें और आगे बढ़ें’ रहा। आयोजकों के अनुसार, अनुभवात्मक अधिगम की यह पहल विद्यार्थियों को प्रबंधन के सिद्धांतों को व्यवहार में लागू करने और भविष्य की व्यावसायिक चुनौतियों के लिए तैयार करने में सहायक होगी।
हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल