सिंह पर सवार अष्टभुजा मां कूष्मांडा के दर्शन कर निहाल हुए भक्त

 




मां कल्याणी देवी मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, भजन-कीर्तन और शतचंडी महायज्ञ का हुआ आयोजन

प्रयागराज, 14 अक्टूबर (हि.स.)। शारदीय नवरात्र के चौथे दिन बुधवार को शक्तिपीठ मां कल्याणी देवी मंदिर में मां कूष्मांडा के भव्य श्रृंगार के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। सिंह पर सवार और आठ भुजाओं वाली मां के आकर्षक स्वरूप का दर्शन कर भक्त निहाल हो उठे। शाम छह बजे से मध्यरात्रि तक मंदिर में दर्शन-पूजन का सिलसिला चलता रहा। श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर मां के दर्शन किए और सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन, शतचंडी महायज्ञ और बच्चों के मुंडन एवं कर्णछेदन संस्कार भी कराए गए।

मंदिर के अध्यक्ष पंडित सुशील पाठक ने शाम सात बजे मां की महाआरती की। इससे पहले सुबह 5:15 बजे महामंत्री पंडित श्याम जी पाठक ने विधि-विधान से मां कल्याणी देवी की मंगला आरती उतारी। इसके बाद दोपहर एक बजे तक दर्शन-पूजन का क्रम चला। इस दौरान मां का पूजन और महाभिषेक किया गया। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं ने शतचंडी महायज्ञ में शामिल होकर पूजा-अर्चना की। कई भक्तों ने अपने बच्चों के मुंडन और कर्णछेदन संस्कार भी कराए।

पंचमी पर स्कंदमाता स्वरूप में होगा मां का श्रृंगार

मंदिर के मीडिया प्रभारी राजेश केसरवानी ने बताया कि गुरुवार, 15 अक्टूबर को पंचमी के अवसर पर मां कल्याणी देवी का श्रृंगार भगवती स्कंदमाता के स्वरूप में किया जाएगा। मां चतुर्भुजी स्वरूप में अपनी गोद में भगवान कार्तिकेय को विराजमान कर सिंह पर आसीन रहेंगी। मां का श्रृंगार रत्नजड़ित आभूषणों और बहुरंगी पुष्पों से किया जाएगा। इसके साथ ही मंदिर के गर्भगृह को भी आकर्षक ढंग से सजाया जाएगा।

मेले की व्यवस्था में जुटे रहे सेवक

नवरात्र मेले में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर में व्यवस्था बनाए रखने के लिए पदाधिकारी और सेवक जुटे रहे। इस दौरान पंडित संतोषानंद महाराज, अनिल पाठक, कृष्ण कुमार पाठक, राजेश केसरवानी, सुधीर पाठक और महेंद्र तिवारी सहित अन्य लोग व्यवस्थाओं में लगे रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल