राम नवमी के दिन प्रदर्शनी का आयोजन महत्वपूर्ण पहल : बलबीर गिरी
प्रयागराज, 26 मार्च (हि.स.)। राम नवमी के दिन इस प्रदर्शनी का आयोजन हमारी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहर के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। यह बात गुरुवार को इलाहाबाद म्यूजियम में राम नवमी के अवसर पर भगवान श्रीराम को समर्पित काष्ठ निर्मित श्रीराम प्रतिमा एवं ‘रामजन्म’ पाण्डुलिपि प्रदर्शनी का शुभारम्भ के मौके पर बड़े हनुमान मंदिर के श्री महंत बलबीर गिरी ने कही।
उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन मर्यादा, सत्य, त्याग और आदर्श आचरण की प्रेरणा देता है और हमें धर्म के मार्ग पर चलते हुए समाज के प्रति अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक पालन करना चाहिए। उन्होंने काष्ठ कला से निर्मित श्रीराम प्रतिमा को प्राचीन भारतीय शिल्प कौशल का उत्कृष्ट उदाहरण बताया तथा रामजन्म से संबंधित पाण्डुलिपि को हमारी समृद्ध ज्ञान परंपरा और साहित्यिक विरासत का अमूल्य हिस्सा बताया। उ
उन्होंने कहा कि इस प्रकार की प्रदर्शनी नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
राम नवमी के अवसर पर इलाहाबाद म्यूजियम में भगवान श्रीराम को समर्पित काष्ठ निर्मित श्रीराम प्रतिमा एवं ‘रामजन्म’ पाण्डुलिपि प्रदर्शनी का शुभारम्भ किया गया। यह प्रदर्शनी संग्रहालय की पाक्षिक प्रदर्शनी श्रृंखला के अंतर्गत राजकीय पाण्डुलिपि पुस्तकालय, प्रयागराज के सहयोग से संग्रहालय के केंद्रीय कक्ष में आयोजित की गई। प्रदर्शनी का शुभारम्भ बड़े हनुमान मंदिर के श्री महंत महामंडलेश्वर बलबीर गिरि ने किया।
इस अवसर पर मंडलायुक्त एवं संग्रहालय की निदेशक सौम्या अग्रवाल भी उपस्थित रहीं। उन्होंने अंगवस्त्र, तुलसी का बिरवा एवं स्मृति-चिन्ह भेंट कर महाराज का स्वागत किया तथा प्रदर्शनी के उद्देश्य और महत्व की जानकारी दी। इसके बाद उन्होंने संग्रहालय की आज़ाद वीथिका का भी भ्रमण कराया। प्रदर्शनी का संयोजन सहायक संग्रहालय अध्यक्ष डॉ. संजू मिश्रा ने किया । इस अवसर पर प्रदर्शनी प्रभारी डॉ. अजय कुमार मिश्र, डॉ. राजेश कुमार मिश्र, डॉ. वामन वानखेड़े, सुनील कुमार पाण्डेय, सोनिका तिवारी, शशांक त्रिपाठी सहित संग्रहालय के अन्य अधिकारी, कर्मचारी एवं उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल