राष्ट्र निर्माण में विद्यार्थी परिषद की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण : सुनील
प्रयागराज,29 मार्च (हि.स.)। राष्ट्र निर्माण के कार्य में विद्यार्थी परिषद की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रत्येक कार्यकर्ता को समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन पूर्ण समर्पण के साथ करना चाहिए।
यह बातें रविवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की इलाहाबाद विश्वविद्यालय इकाई की ओर से आयोजित दो दिवसीय 'कार्यकर्ता नेतृत्व निर्माण वर्ग' को संबोधित करते हुए काशी प्रांत के सह प्रांत प्रचारक सुनील ने कही।
उद्घाटन सत्र में कार्यकर्ता निर्माण, नेतृत्व विकास एवं राष्ट्रहित में विद्यार्थी शक्ति की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके उपरांत 'परिसर में परिषद की भूमिका' विषय पर आयोजित सत्र में जी.बी.पी.एस.एस.आई. के निदेशक प्रो.वाई.पी.सिंह ने परिसर में परिषद की भूमिका,छात्रहित के विषयों पर संगठन की सक्रियता तथा नेतृत्व निर्माण में कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी पर अपने विचार रखे। इसके बाद कार्यकर्ताओं के बीच विभिन्न संगठनात्मक एवं वैचारिक विषयों पर संवाद एवं चर्चा का सत्र आयोजित हुआ, जिसका उद्देश्य कार्यकर्ताओं में वैचारिक स्पष्टता, संवाद क्षमता तथा नेतृत्व निर्माण के प्रति जागरूकता विकसित करना था।
दूसरे दिन आयोजित सत्र में 'कार्यकर्ता का बौद्धिक व शैक्षणिक विकास' विषय पर इलाहाबाद उच्च न्यायालय के अतिरिक्त महाधिवक्ता अशोक मेहता ने कहा कि एक कार्यकर्ता का वैचारिक रूप से सुदृढ़ एवं शैक्षणिक रूप से सक्षम होना अत्यंत आवश्यक है। इसके उपरांत 'कार्यपद्धति व कार्यकर्ता व्यवहार' विषय पर आयोजित सत्र में संगठनात्मक पद्धति, कार्यकर्ता व्यवहार एवं अनुशासन के महत्व पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यक्रम का समापन अभाविप इलाहाबाद विश्वविद्यालय इकाई के संगठन मंत्री आदित्य राज ने किया। उन्होंने संगठन के मूल मंत्र 'ज्ञान, शील, एकता' को जीवन में चरितार्थ करने का आह्वान किया। कार्यक्रम राष्ट्रगीत एवं भारत माता की जय के उद्घोष के साथ संपन्न हुआ।---------------
हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल