लखनऊ अग्निकांड के बाद प्रयागराज मंडल में 10 कोचिंग सील, सुरक्षा मानकों से समझौता बर्दाश्त नहीं : सौम्या अग्रवाल
प्रयागराज, 24 जून (हि.स.)। लखनऊ के अलीगंज (पुरनिया) क्षेत्र में 22 जून 2026 को एक कोचिंग/एनीमेशन सेंटर में हुए भीषण अग्निकांड के बाद प्रयागराज मंडल प्रशासन ने कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्थाओं की व्यापक जांच शुरू कर दी है। मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत अब तक प्रयागराज और कौशाम्बी में कुल 10 कोचिंग एवं शैक्षणिक संस्थानों को सील किया गया है, जबकि मंडल के विभिन्न जिलों में 52 से अधिक संस्थानों का निरीक्षण किया जा चुका है।
मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने बुधवार काे कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी संस्थान को सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अग्निशमन, भवन सुरक्षा, विद्युत सुरक्षा और अन्य नियामकीय मानकों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए।
जांच के दौरान कई संस्थानों में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। अधिकांश संस्थानों के पास अग्निशमन विभाग का वैध एनओसी नहीं मिला, जबकि कई जगहों पर इमरजेंसी एग्जिट की व्यवस्था भी नहीं थी। कई संस्थानों में अग्निशमन यंत्र अनुपयोगी या उनकी वैधता अवधि समाप्त पाई गई। इसके अलावा स्वीकृत मानचित्र और भू-उपयोग के विपरीत संचालन, बेसमेंट में अवैध रूप से कक्षाएं और लाइब्रेरी चलाना, निर्धारित क्षमता से अधिक विद्यार्थियों को बैठाना तथा विद्युत सुरक्षा मानकों की अनदेखी जैसी खामियां भी मिलीं।
मंडलायुक्त ने कहा कि निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया है कि कुछ संस्थानों द्वारा विद्यार्थियों की सुरक्षा के बजाय व्यावसायिक हितों को प्राथमिकता दी जा रही थी, जो किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि जांच अभियान लगातार जारी रखा जाए और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित कराया जाए।
उन्होंने कहा,विद्यार्थियों को सुरक्षित, संरक्षित और मानकानुकूल शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है। सुरक्षा प्रावधानों की अनदेखी करने वाले संस्थानों के विरुद्ध आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
अभियान के तहत प्रयागराज में चार और कौशाम्बी में छह संस्थानों को सील किया गया है। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि जांच में दोषी पाए जाने वाले अन्य संस्थानों पर भी कार्रवाई की जाएगी।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल