बकरीद को लेकर उत्तर प्रदेश में पुलिस प्रशासन सतर्क, खुले में पशु बलि देने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
-मुस्लिम धर्म गुरुओं ने की अपील सार्वजनिक और सड़कों पर नमाज नहीं पढ़े
लखनऊ, 27 मई (हि.स.)। ईद उल अजहा (बकरीद) को लेकर उत्तर प्रदेश में पुलिस विभाग ने कमर कस ली है। त्योहार को शांतिपूर्ण तरीके से सम्पन्न कराने के लिए लगातार क्षेत्रों में गश्त किया जा रहा है। लोगों काे यह भी हिदायत दी जा रही है कि खुले में जानवरों की कुर्बानी न दी जाए। त्योहार में हुड़दंग करने वालों से पुलिस सख्ती से निपेटगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीते दिनों बैठक में त्योहारों को शांतिपूर्ण तरीके से सम्पन्न कराने के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए थे। उन्होंने स्पष्ट किया था कि नमाज केवल मस्जिदों, ईदगाहों या तयशुदा पारंपरिक स्थानों पर ही पढ़ी जानी चाहिए। किसी भी हाल में सार्वजनिक मार्गों पर जाम लगाकर नमाज अदा नहीं की जाएगी और खुले में पशु बलि (कुर्बानी) की अनुमति नहीं होगी। प्रतिबिंधित पशुओं की बलि किसी भी हालत में नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया था कि वे त्योहार की पूरी अवधि के दौरान स्वच्छता, बिजली आपूर्ति और सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में उच्च स्तर की सतर्कता बनाए रखें।
वही, मुस्लिम धर्म गुरू भी लोगों से यह अपील करते हुए नजर आ रहे हैं कि शासन और जिला प्रशासन के आदेशों को हमें पालन करना होगा। हमें ऐसा कोई कदम नहीं उठाना है, जिससे लोगों को तकलीफ हो। शांतिपूर्ण तरीके से त्योहार को मनाएं। खुले में कुर्बानी न दी जाए और न ही उसकी वीडियो बनाकर सोशल मीडिया में अपलोड करें। पशुओं के अवशेषों को भी सार्वजनिक जगह या खुले में न फेंके।
उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशक डीजीपी राजीव कृष्ण ने त्योहार को सकुशल सम्पन्न कराने और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए संवेदनशील क्षेत्रों में फ्लैग मार्च का आदेश दिया है। यह भी कहा कि सभी को कानून का पालन करना होगा और इसका उल्लंघन करने वालों से पुलिस सख्ती से निपटे। कई जगहों पर पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की 2023 की धारा 163 लागू कर दिया गया है। पुलिस और जिला प्रशासनिक अधिकारी क्षेत्रों में गश्त करके शासन के आदेशों को पालन कराने के लिए लोगों से अपील कर रहे हैं। -----------------------
हिन्दुस्थान समाचार / दीपक