यूपी बोर्ड : कक्षा 09 से 12 तक विज्ञान विषयों के प्रश्नपत्र अब होंगे दक्षता आधारित

 






एनईपी-2020 और परख के अनुरूप तैयार किए गए दिशा-निर्देश, प्रश्नपत्र निर्माताओं को दिया गया प्रशिक्षण

प्रयागराज, 10 सितंबर (हि.स.)। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी)-2020 और राष्ट्रीय आकलन केंद्र-परख के उद्देश्यों के अनुरूप उत्तर प्रदेश में माध्यमिक कक्षाओं की परीक्षा व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव की पहल की गई है। यह जानकारी गुरुवार को माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश के सचिव भगवती सिंह ने दी।

उन्होंने बताया कि अब विद्यार्थियों के रटने के बजाय समझ, तर्क, विश्लेषण और समस्या समाधान की क्षमता को परखने के लिए कक्षा नौ से 12 तक विज्ञान, गणित, भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान विषयों के लिए संतुलित एवं दक्षता आधारित प्रश्नपत्र तैयार करने के दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

राज्य विज्ञान संस्थान, उत्तर प्रदेश, प्रयागराज की ओर से पहली बार प्रश्नपत्र निर्माताओं और शिक्षकों को दक्षता आधारित प्रश्नों के निर्माण के लिए मानक, दिशा-निर्देश और व्यावहारिक मार्गदर्शन उपलब्ध कराया गया है। इसका उद्देश्य प्रश्नपत्रों की गुणवत्ता में सुधार के साथ कक्षा-कक्ष में शिक्षण-अधिगम की प्रक्रिया में भी सकारात्मक बदलाव लाना है।

दक्षता आधारित प्रश्नों के माध्यम से विद्यार्थियों को केवल तथ्यों को याद करने के बजाय विषयवस्तु को समझने, तर्क करने, प्रमाण और स्रोतों का विश्लेषण करने तथा अलग-अलग दृष्टिकोणों की तुलना करने का अवसर मिलेगा। विद्यार्थी अपने विचारों को तथ्यों और तर्क के आधार पर प्रस्तुत कर सकेंगे। इससे उनमें रचनात्मकता, तार्किकता, विश्लेषणात्मक क्षमता और समस्या समाधान कौशल का विकास होगा। परीक्षा व्यवस्था भी अधिक विद्यार्थी-केंद्रित और सीखने के वास्तविक परिणामों पर आधारित हो सकेगी।

राज्य विज्ञान संस्थान के प्राचार्य राजेंद्र प्रताप द्वारा 10 सितंबर को माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव भगवती सिंह को संतुलित प्रश्नपत्रों के संग्रह की प्रतियां भेंट की गईं।

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव भगवती सिंह ने बताया कि “संतुलित एवं दक्षता आधारित प्रश्नपत्र कक्षा शिक्षण और परीक्षा प्रणाली में दूरगामी एवं सकारात्मक बदलाव लाने वाला महत्वपूर्ण कदम है। यह राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के लक्ष्यों की प्राप्ति में सहायक होगा। विद्यार्थियों की समझ, तर्क, विश्लेषण और समस्या समाधान की क्षमता को बढ़ावा देने वाली इस पहल के लिए राज्य विज्ञान संस्थान, प्रयागराज और संबंधित टीम के प्रयास सराहनीय हैं।”

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हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल