कर्मचारी चौपाल में शोषण के खिलाफ फूटा आक्रोश, बक्शा वीडियो के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित
जौनपुर, 11 अप्रैल (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जौनपुर में ग्राम पंचायत अधिकारी एवं ग्राम विकास अधिकारी समन्वय समिति के बैनर तले शनिवार को विकास भवन परिसर में “कर्मचारी समस्या सुनवाई चौपाल दिवस” का आयोजन किया गया। जनपद में पहली बार आयोजित इस चौपाल में विभिन्न विकास खंडों से आए ग्राम सचिवों और सहायक विकास अधिकारियों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर अपनी समस्याओं को मुखर रूप से उठाया।
कार्यक्रम की संयुक्त अध्यक्षता ग्राम पंचायत अधिकारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. प्रदीप सिंह और ग्राम विकास अधिकारी एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष डॉ. फूलचंद कनौजिया ने की। चौपाल में कर्मचारियों ने गैर-विभागीय कार्यों का अत्यधिक दबाव, अव्यवहारिक लक्ष्य निर्धारण और विभिन्न विभागों के कार्यों का बोझ केवल ग्राम सचिवों पर डालने की प्रवृत्ति पर गहरी नाराजगी जताई। फार्मर रजिस्ट्री, पीएम सूर्यघर योजना, फैमिली आईडी, आयुष्मान कार्ड सहित कई योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही व्यावहारिक कठिनाइयों को भी उठाया गया।
कर्मचारियों ने बताया कि लगातार बैठकों, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और अवकाश के दिनों में भी काम लेने से उनके मूल कार्य, स्वास्थ्य और पारिवारिक जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। साथ ही चिकित्सा प्रतिपूर्ति, एसीपी, एरियर और वेतन वृद्धि लंबित होने से मानसिक तनाव बढ़ रहा है।
बैठक में बक्शा के खंड विकास अधिकारी शुभम बरनवाल पर एक ग्राम सचिव के साथ दुर्व्यवहार का आरोप लगने पर उपस्थित सदस्यों ने सर्वसम्मति से उनके खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया।
अध्यक्षता कर रहे डॉ. प्रदीप सिंह ने कहा कि कर्मचारियों का उत्पीड़न अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष तेज किए जाने की बात कही गई। वहीं डॉ. फूलचंद कनौजिया ने चेतावनी दी कि समस्याओं का शीघ्र समाधान न होने पर यह आंदोलन का रूप ले सकता है।
निर्णय लिया गया कि अब प्रत्येक माह के दूसरे शनिवार को कर्मचारी चौपाल का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम का संचालन विजयभान यादव ने किया, जबकि सैकड़ों कर्मचारी व पदाधिकारी मौजूद रहे।---------------
हिन्दुस्थान समाचार / विश्व प्रकाश श्रीवास्तव