ओटीएस में लखनऊ प्रदेश के 17 नगर निगमों में सबसे आगे, सर्वाधिक 06.50 करोड़ रुपये की गृहकर वसूली
- अब तक 3967 आवेदन प्राप्त, 14 नवंबर तक कर सकते हैं आवेदन
लखनऊ, 18 सितंबर (हि.स.)। एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) के तहत गृहकर वसूली में लखनऊ नगर निगम प्रदेश के सभी 17 नगर निगमों में सबसे आगे है। लखनऊ नगर निगम ने अब तक 06.50 करोड़ रुपये की गृहकर वसूली की है। योजना के तहत बड़ी संख्या में बकायेदार आवेदन कर रहे हैं और नगर निगम स्तर पर आवेदनों के निस्तारण की प्रक्रिया तेजी से चल रही है।
लखनऊ नगर निगम में अब तक ओटीएस योजना के तहत 3967 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 3723 आवेदन स्वीकृत किए जा चुके हैं। वहीं 05 आवेदन निरस्त किए गए हैं, जबकि 239 आवेदन अभी प्रक्रिया में हैं।
14 नवंबर तक कर सकते हैं आवेदन
ओटीएस योजना के तहत पात्र बकायेदारों के लिए 14 नवंबर 2026 तक आवेदन करने का अवसर उपलब्ध है। इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदनों का निस्तारण और भुगतान की कार्रवाई की जाएगी। महापौर सुषमा खर्कवाल ने नागरिकों से अपील की जा रही है कि वे अंतिम समय का इंतजार न करते हुए जल्द आवेदन करें और योजना का लाभ लें।
घर बैठे ऑनलाइन आवेदन की सुविधा
ओटीएस योजना के लिए नागरिक ऑनलाइन आवेदन भी कर सकते हैं। इसके लिए निर्धारित ओटीएस पोर्टल www.upulbots.in पर जाकर आवेदन की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। आवेदन की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए इसे चरणबद्ध तरीके से रखा गया है।
ऑफलाइन आवेदन के लिए जोनल हेल्पडेस्क
ऑनलाइन के अलावा ऑफलाइन आवेदन की सुविधा भी उपलब्ध है। नगर निगम के सभी आठ जोन में ओटीएस हेल्पडेस्क स्थापित किए गए हैं। यहां नागरिक योजना से संबंधित जानकारी और आवेदन प्रक्रिया में सहायता प्राप्त कर सकते हैं। ऑफलाइन आवेदन जमा करने पर आवेदक को हस्ताक्षर और मुहर वाली रिसीविंग भी उपलब्ध कराई जाएगी।
नगर आयुक्त गौरव कुमार के निर्देश पर ओटीएस सॉफ्टवेयर और योजना की प्रक्रिया को लेकर नगर निगम मुख्यालय में अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है। प्रशिक्षण मुख्य कर निर्धारण अधिकारी अशोक सिंह और विनय कुमार राय की अध्यक्षता में हुआ था। इसमें सभी जोन के टैक्स सुपरिंटेंडेंट और कर्मचारी शामिल हुए थे।
15 दिसंबर तक योजना की अवधि
एकमुश्त समाधान योजना के तहत पात्र बकायेदारों को लंबित गृहकर, जलकर और सीवरकर के भुगतान पर शासनादेश के अनुसार ब्याज और सरचार्ज में छूट का प्रावधान है। योजना की समग्र अवधि 15 अगस्त से 15 दिसंबर 2026 तक निर्धारित है। नगर निगम की ओर से लोगों से समय रहते आवेदन और भुगतान की प्रक्रिया पूरी करने की अपील की जा रही है।
सरकारी विभागों ने भी लिया लाभ
ओटीएस योजना के तहत सरकारी विभागों की ओर से भी आवेदन किए जा रहे हैं। विद्युत विभाग ने अपने सभी भवनों के लिए ओटीएस योजना के तहत आवेदन किया है। इससे सरकारी संपत्तियों से संबंधित लंबित कर मामलों के निस्तारण में भी तेजी आने की उम्मीद है।
ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया
1. ओटीएस पोर्टल खोलें: सबसे पहले ओटीएस पोर्टल खोलकर होम पेज पर दिए गए ‘ऑनलाइन आवेदन करें’ विकल्प पर क्लिक करें।
2. अपना नगर निकाय चुनें: इसके बाद उत्तर प्रदेश के नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायतों की सूची में से अपना संबंधित नगरीय निकाय चुनें। लखनऊ के बकायेदार नगर निगम लखनऊ का चयन करेंगे।
3. मोबाइल नंबर दर्ज करें: अपना सक्रिय 10 अंकों का मोबाइल नंबर दर्ज करें और ‘Send OTP’ पर क्लिक करें।
4. ओटीपी (OTP) से सत्यापन करें: मोबाइल पर प्राप्त 06 अंकों का ओटीपी दर्ज कर ‘Submit & Login’ पर क्लिक करें।
5. आवेदन पत्र भरें: लॉगिन के बाद आवेदन पत्र में आवश्यक जानकारी भरनी होगी। इसमें प्रॉपर्टी आईडी, आवेदक का नाम और प्रॉपर्टी का प्रकार जैसी जानकारी शामिल है। सभी विवरण जांचने के बाद आवेदन सबमिट करें।
6. आवेदन की स्थिति देखें: आवेदन जमा होने के बाद पोर्टल पर इसकी पुष्टि दिखाई देगी। पंजीकृत मोबाइल नंबर से दोबारा लॉगिन कर आवेदक अपने आवेदन की वर्तमान स्थिति भी देख सकते हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / मोहित वर्मा