ओशो के शिष्यों ने होली खेल दिया देशनाओं का संदेश
फर्रुखाबाद, 4 मार्च (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले में रंगों का पर्व होली ओशो रजनीश के गुरुवार को संन्यासियों ने बड़े ही धूमधाम से मनाया। उन्होंने रंग बरसे भीगे चुनर वाली... गीत पर झूम कर नृत्य किया और ओशो की देशनाओं का नगर वासियों को संदेश दिया।
इस मौके पर ओशो रजनीश के अनन्य भक्त स्वामी आनंद पुनीत ने कहा कि ओशो के अनुसार, होली प्रतिदिन है और ओशो अपने रंग में प्रतिदिन अपने संन्यासियों को रंग रहे हैं। आज ओशो का धर्म महानगरों से लेकर गांव के गलियारों तक पहुंच गया है। इसी के चलते फर्रुखाबाद जिले के गांव कमालपुर में आज ओशो के संन्यासियों ने जमकर होली का पर्व मनाया।
इस मौके पर ओशो के सैकड़ों सन्यासियों ने नाचते गाते ओशो की देशनाओं का संदेश दिया। ओशो कहा करते थे कि होली साल में एक दिन मनाने का पर्व नहीं है। होली प्रतिदिन मनानी चाहिए और प्रकृति के रंग में रोज लोगों को रंगना चाहिए, तभी सच्ची होली है। आज देखा गया है कि लोग होली के पर्व पर रंग खेलते हैं। लेकिन रंग खेलते खेलते उनके अंदर दबी हिंसा ऊपर आ जाती है, और वह कीचड़ खेलने लगते हैं। कीचड़ खेलना प्रेम का त्यौहार नहीं है। कीचड़ तो तुम्हारे अंदर जो अगले व्यक्ति के लिए अनादर छिपा हुआ है इसका प्रतीक है। तुम कीचड़ फेंक उसका आनंद मना रहे हो। इस मौके पर स्वामी अनिल, ऋषि कुमार सिंह, ऋषि प्रताप सिंह, गजेंद्र सिंह, शिवेंद्र सिंह चौहान, अंशिका चौहान, आर्यन चौहान, शिवेंद्र सिंह चौहान, अथर्व सेंगर, आरव सेंगर ऋषिका सेंगर, अभी प्रताप सिंह, रवि प्रताप सिंह, विनय प्रताप सिंह सेंगर सहित भारी संख्या में ओशो शिष्य मौजूद रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / Chandrapal Singh Sengar