कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा एवं सम्मान सभी की सामूहिक जिम्मेदारी: विजया रहाटकर
- कन्नौज के कलेक्ट्रेट गांधी सभागार में आयोजित कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम, 2013 के तहत जागरूकता कार्यशाला में अध्यक्ष ने रखे विचार
कन्नौज , 10 जुलाई (हि. स.)। राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने शुक्रवार काे जनपद कन्नौज के कलेक्ट्रेट गांधी सभागार में आयोजित कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम, 2013 के तहत जागरूकता कार्यशाला काे संबाेधित किया। उन्हाेंने कहा कि आज देश की बेटियां प्रत्येक क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर रही हैं। यदि देश को और अधिक प्रगति के पथ पर आगे बढ़ाना है तो महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि गांव की महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए सहयोग किया जाए। ग्रामीण एवं असंगठित क्षेत्र में कार्यरत महिलाओं को सुरक्षा, सम्मान एवं न्याय उपलब्ध कराने के लिए सभी संबंधित विभागों को संवेदनशीलता के साथ कार्य करना होगा।
उन्होंने कार्यस्थल पर महिलाओं का सुरक्षित, सम्मानजनक एवं भयमुक्त वातावरण सुनिश्चित करने पर विशेष बल देते हुए कहा कि यौन उत्पीड़न से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम पाश एक्ट के अंतर्गत महिलाओं को प्राप्त अधिकारों की जानकारी प्रत्येक कर्मचारी एवं संस्था तक पहुंचाई जानी चाहिए। उन्होंने बताया कि प्रत्येक सरकारी एवं निजी संस्थान में गठित इंटरनल कमेटी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और उसका सक्रिय एवं प्रभावी ढंग से कार्य करना आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिए कि जहां लोकल कमेटियां सक्रिय नहीं हैं, उन्हें पुनर्गठित कर प्रभावी बनाया जाए तथा व्यापक स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं, ताकि अधिक से अधिक महिलाएं अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हो सकें।
राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष ने महिलाओं के यौन उत्पीड़न विषयक जागरूकता एवं जनपद स्तरीय लोकल कमेटी के सदस्यों तथा संबंधित अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की। कहा कि इसका उद्देश्य महिलाओं के लिए एक सुरक्षित कार्य वातावरण सुनिश्चित करना है। यह कानून हर उस सरकारी या निजी कार्यालय, कंपनी, स्कूल, अस्पताल और फैक्ट्री पर लागू होता है जहाँ 10 या उससे अधिक कर्मचारी काम करते हैं।
इसके उपरांत कलेक्ट्रेट परिसर में राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष अमरूद का पौधा एवं उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष जामुन का पौधा रोपित किया। अपने एक दिवसीय दाैरे की शुरुआत उन्होंने वन स्टॉप सेंटर के निरीक्षण से की जहां जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने उनका बुकें देकर स्वागत किया। कार्यशाला के बाद राहटकर विकास भवन स्थित हर्षवर्धन सभागार पहुंची जहाँ उन्होंने पूर्व में दर्ज कराई गई और निष्पादित हो चुकी 55 शिकायतों के निष्पादन की समीक्षा की। जन सुनवाई के बाद महिला आयोग की अध्यक्ष ने सर्किट हाउस में स्थानीय जन प्रतिनिधियों से भेंट कर कन्नौज की सामाजिक, आर्थिक और लैंगिक असमानता जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की।
राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर के दाैरे के समय उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबिता सिंह चौहान, राज्य महिला आयोग की सदस्य पुष्पा पाण्डे, जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री, पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार सहित अन्य अधिकारी लगातार उनके साथ उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / संजीव झा