एआई कितना भी आगे बढ़े, कृषि की जरूरत बनी रहेगी : एसपी

 


- दीक्षारंभ समारोह में नवप्रवेशी छात्रों को पढ़ाई और भविष्य की तैयारी के प्रति किया जागरूक

मीरजापुर, 23 सितंबर (हि.स.)। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के बढ़ते प्रभाव के बीच कृषि की उपयोगिता और बढ़ेगी। एआई उद्योगों के कामकाज को बदल सकता है, लेकिन भोजन उत्पादन में कृषि का स्थान नहीं ले सकता। यह बात पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक ने बुधवार को राजीव गांधी दक्षिणी परिसर, बरकछा स्थित कृषि विज्ञान संस्थान के दीक्षारंभ समारोह में कही।

बीएससी ऑनर्स कृषि के नवप्रवेशी छात्रों के लिए आयोजित दीक्षारंभ-2026 में एसपी ने कहा कि कृषि केवल रोजगार का क्षेत्र नहीं, बल्कि देश की खाद्य सुरक्षा से जुड़ा विषय है। आने वाले समय में कृषि क्षेत्र में तकनीक का इस्तेमाल बढ़ेगा, लेकिन भोजन उत्पादन के लिए मानवीय श्रम और कृषि की आवश्यकता बनी रहेगी। उन्होंने छात्रों से पढ़ाई के प्रति गंभीर रहने और अपने ज्ञान का उपयोग समाज के हित में करने की अपील की।

एसपी ने छात्रों से करियर को लेकर बातचीत भी की और सिविल सेवा की तैयारी के इच्छुक विद्यार्थियों को यूपीएससी की तैयारी से जुड़े अपने अनुभव बताए। उन्होंने अनुशासन और निरंतर अध्ययन को सफलता के लिए जरूरी बताया।

छात्र सलाहकार डॉ. कुलदीप बौध ने शिक्षा के साथ करियर के संतुलित चयन पर विचार रखे। आचार्य प्रभारी प्रो. बीएमएन कुमार ने कृषि शिक्षा की उपयोगिता बताई। कार्यक्रम का समापन डॉ. अभिनव सिंह के धन्यवाद ज्ञापन और राष्ट्रगान के साथ हुआ।

इस दौरान डॉ. कंचनजी पडवाल, डॉ. प्रमोद, डॉ. श्रवण, डॉ. गिरीश, डॉ. श्रीजन, डॉ. आलोक, डॉ. विपिन, डॉ. अजीत और डॉ. कृति मंडल समेत शिक्षक मौजूद रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा