टीबी पर वार की नई रणनीति, बच्चों को बीमारी से बचाने के लिए स्वास्थ्यकर्मियों को मिला विशेष प्रशिक्षण

 


मीरजापुर, 07 अगस्त (हि.स.)। टीबी मुक्त भारत के संकल्प को धरातल पर उतारने की दिशा में शुक्रवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चुनार में स्वास्थ्य विभाग ने विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया। प्रशिक्षण में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ), आंगनबाड़ी सुपरवाइजर और आशा संगिनियों को 0 से 14 वर्ष तक के बच्चों में टीबी की पहचान, बचाव और समय पर उपचार के नए तरीकों की जानकारी दी गई।

प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. राकेश कुमार पटेल ने स्वास्थ्यकर्मियों से अपने-अपने क्षेत्रों में अधिक से अधिक जागरूकता शिविर लगाने और टीबी के संभावित मरीजों को सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध निःशुल्क जांच व उपचार का लाभ दिलाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि समय पर पहचान और उपचार से टीबी को पूरी तरह हराया जा सकता है।

सीएचसी के एमओटीसी डॉ. संतोष कुमार वर्मा ने प्रशिक्षण के दौरान बताया कि टीबी गंभीर बीमारी जरूर है, लेकिन इसका सफल इलाज संभव है। उन्होंने कहा कि छोटे बच्चों में बलगम की जांच कठिन होती है, इसलिए ऐसे मामलों में एक्स-रे जैसी जांच महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

जिला क्षय रोग कार्यक्रम के डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर सतीश शंकर यादव ने स्वास्थ्यकर्मियों से मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार अपनाने पर जोर देते हुए कहा कि हर मरीज अस्पताल उम्मीद लेकर आता है। ऐसे में उसे सही मार्गदर्शन और अपनापन देना भी इलाज का अहम हिस्सा है।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में डॉ. आशिफ जहीर, डॉ. संगीता, सर्वेश कुमार, अखिलेश यादव, इफ्तिखार, बीसीपीएम गीता सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा