मां विंध्यवासिनी विश्वविद्यालय में शोध और नए संकायों के विस्तार पर जोर
मीरजापुर, 08 जुलाई (हि.स.)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जनपद भ्रमण के दौरान मां विंध्यवासिनी विश्वविद्यालय के विस्तार और शैक्षणिक विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखे गए। विश्वविद्यालय प्रशासन ने शोध, कौशल विकास और रोजगारपरक शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कृषि संकाय, खेलकूद विभाग और विभिन्न शोध केंद्रों की स्थापना का प्रस्ताव प्रस्तुत किया, जिस पर मुख्यमंत्री ने सकारात्मक सहमति जताई।
कुलपति प्रो. शोभा गौड़ ने मुख्यमंत्री को विश्वविद्यालय के निर्माण कार्य, प्रवेश प्रक्रिया, द्वितीय सेमेस्टर की परीक्षा और परीक्षा परिणाम की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप रोजगारपरक पाठ्यक्रम शुरू करने तथा विद्यार्थियों के कौशल विकास पर विशेष ध्यान दे रहा है। मुख्यमंत्री ने परीक्षा समयबद्ध ढंग से संपन्न होने पर संतोष व्यक्त किया।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने कृषि संकाय, खेलकूद विभाग और अतिथि गृह के लिए भूमि एवं भवन उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। साथ ही विंध्य अध्ययन केंद्र और आदिवासी अध्ययन केंद्र की स्थापना का प्रस्ताव भी रखा, ताकि विंध्य क्षेत्र की संस्कृति, इतिहास, लोकजीवन और जनजातीय विरासत पर शोध को बढ़ावा मिल सके।
बैठक में महायोगी गुरु गोरखनाथ शोधपीठ की स्थापना का प्रस्ताव भी रखा गया। विश्वविद्यालय का मानना है कि सोनभद्र क्षेत्र नाथ परंपरा से जुड़ा महत्वपूर्ण क्षेत्र रहा है। शोधपीठ के माध्यम से नाथ संप्रदाय, उसकी परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत पर अकादमिक अध्ययन एवं शोध को नई दिशा मिलेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा