राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन ने वाराणसी को उत्तर प्रदेश का 'सक्षम' जनपद किया घोषित
वाराणसी, 06 अगस्त(हि. स.)। राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन द्वारा निर्धारित 95 -95 -99 वैश्विक लक्ष्यों के आधार पर किए गए मूल्यांकन में वाराणसी को उत्तर प्रदेश का एकमात्र 'सक्षम' जनपद घोषित किया गया है।
नाको पोर्टल पर जारी जिला-वार रैंकिंग में वाराणसी ने निर्धारित तीन में से दो प्रमुख मानकों को पूर्ण करते हुए यह उपलब्धि हासिल की है। नाको द्वारा जनपदों को तीन श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है। एक मानक प्राप्त करने वाले जनपद को 'संघर्षशील', दो मानक प्राप्त करने वाले जनपद को 'सक्षम' तथा तीनों मानक प्राप्त करने वाले जनपद को 'सुरक्षित' श्रेणी में रखा जाता है।
वाराणसी ने प्रथम एवं तृतीय मानक प्राप्त कर 'सक्षम' श्रेणी में स्थान बनाया है। 95- 95- 99 लक्ष्य के अंतर्गत पहला लक्ष्य यह है कि जनपद में नाको द्वारा अनुमानित एचआईवी संक्रमित आबादी के कम से कम 95 प्रतिशत लोगों को अपने एचआईवी संक्रमण (एचआईवी स्टेटस) की जानकारी हो। दूसरा लक्ष्य यह है कि जिन लोगों को अपने एचआईवी संक्रमित होने की जानकारी है, उनमें से 95 प्रतिशत लोग एंटी रेट्रोवायरल थेरेपी से जुड़े हों। तीसरा लक्ष्य यह है कि एआरटी पर उपचार प्राप्त कर रहे 99 प्रतिशत लोगों का वायरल लोड इतना कम हो जाए कि संक्रमण फैलने का जोखिम नगण्य रह जाए।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मुकेश कुमार ने इस उपलब्धि पर कहा कि स्वास्थ्य विभाग, उत्तर प्रदेश राज्य एड्स नियंत्रण सोसाइटी, दिशा क्लस्टर, आईसीटीसी, एआरटी सेंटर, डीएसआरसी, एसएसके, सीओई, ओएसटी सेंटर, लक्षित हस्तक्षेप (टीआई) परियोजनाओं, सामुदायिक आधारित संगठनों, गैर-सरकारी संस्थाओं तथा कार्यक्रम से जुड़े सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के समन्वित प्रयासों का यह परिणाम है। यह उपलब्धि एचआईवी रोकथाम, समय पर जांच, उपचार से जुड़ाव तथा उपचार की निरंतरता सुनिश्चित करने की दिशा में वाराणसी की मजबूत स्वास्थ्य व्यवस्था को दर्शाती है।
हिन्दुस्थान समाचार / शरद