बारिश के बीच शिवभक्ति में डूबा मीरजापुर, सावन के पहले सोमवार को शिवालयों में उमड़ी आस्था
-रिमझिम फुहारों के बीच जलाभिषेक के लिए तड़के से लगी भक्तों की कतारें
मीरजापुर, 03 अगस्त (हि.स.)। सावन के पहले सोमवार पर हुई बारिश ने मौसम को खुशनुमा बना दिया और पूरा जनपद शिवमय हो उठा। रातभर हुई झमाझम बारिश के बाद सोमवार सुबह रिमझिम फुहारों के बीच बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान शिव के जलाभिषेक और दर्शन के लिए मंदिरों में पहुंचने लगे। सुबह से ही 'हर-हर महादेव' और 'बोल बम' के जयघोष से शिवालय गूंज उठे।
श्रद्धालुओं ने गंगाजल, दूध, दही, शहद और बेलपत्र से भगवान शिव का रुद्राभिषेक किया। धतूरा, भांग, आक के फूल और अन्य पूजन सामग्री अर्पित कर परिवार की सुख-समृद्धि, आरोग्य और मंगलमय जीवन की कामना की। कई स्थानों पर कांवड़िए भी पवित्र गंगाजल लेकर शिवालयों में जल चढ़ाने पहुंचे।
विंध्याचल, बरियाघाट स्थित शिवद्वार मंदिर, तारकेश्वर महादेव, बूढ़ेनाथ महादेव, ओझला पुल स्थित शिव मंदिर सहित जिले के प्रमुख शिवालयों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। शहर के साथ ग्रामीण क्षेत्रों के मंदिरों में भी दिनभर पूजा-अर्चना का सिलसिला जारी रहा।
बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ। महिलाएं, युवा और बुजुर्ग छाता और बरसाती के सहारे मंदिरों तक पहुंचे। मंदिर परिसरों में भक्ति का माहौल बना रहा और श्रद्धालु विधि-विधान से भगवान शिव की आराधना करते रहे।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रमुख मंदिरों पर पुलिस और प्रशासन की ओर से सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए। बैरिकेडिंग, पुलिस बल और अन्य व्यवस्थाओं के बीच श्रद्धालुओं ने शांतिपूर्वक दर्शन-पूजन किया।
धार्मिक मान्यता है कि सावन के पहले सोमवार को भगवान शिव का जलाभिषेक और रुद्राभिषेक करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। इसी आस्था के चलते दिनभर शिवालयों में भक्तों का तांता लगा रहा।
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हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा