युवाओं और एमएसएमई को जोड़ने के लिए 'ब्लू डॉट्सएआई' की शुरुआत, मुजफ्फरनगर में खुला पहला जेएफसी
स्थानीय भाषा में मिलेगी नौकरी की जानकारी, प्रदेश के सभी मंडलों में योगी सरकार शुरू करेगी 'ब्लू डॉट्सएआई'
अब मोबाइल मैप पर दिखेंगी आसपास की नौकरियां, गाजियाबाद के सफल मॉडल को पूरे प्रदेश में मिलेगा विस्तार
18 मंडलों में शुरू होगी डिजिटल रोजगार पहल, युवाओं, महिलाओं और कुशल श्रमिकों को स्थानीय रोजगार से जोड़ने की तैयारी
मुजफ्फरनगर/लखनऊ,20 जून (हि.स.)। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने स्थानीय रोजगार, कौशल विकास और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए प्रदेश के सभी 18 मंडलों में 'ब्लू डॉट्सएआई' (Blue DotsAI) पहल का शुभारंभ मुजफ्फरनगर से किया।
प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने शनिवार को मुजफ्फरनगर में प्रदेश के पहले संयुक्त सुविधा केंद्र (ज्वाइंट फैसिलिटेशन सेंटर- जेएफसी) का उद्घाटन किया। गाजियाबाद में सफल पायलट परियोजना के बाद अब इस डिजिटल पहल का विस्तार पूरे उत्तर प्रदेश में किया गया है।
इस अवसर पर मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य स्थानीय युवाओं, महिलाओं और कुशल श्रमिकों को उनके आसपास उपलब्ध रोजगार के अवसरों से सीधे जोड़ना है। उन्होंने कहा कि अब युवा अपनी स्थानीय भाषा में वॉयस कॉल के माध्यम से भी इस प्लेटफॉर्म से जुड़ सकेंगे और अपने क्षेत्र में उपलब्ध नौकरियों की जानकारी मोबाइल मैप पर आसानी से प्राप्त कर सकेंगे। साथ ही स्थानीय एमएसएमई और उद्योगों को भी अपने आसपास के योग्य एवं प्रशिक्षित अभ्यर्थियों तक त्वरित पहुंच मिलेगी। उन्होंने कहा कि जब स्थानीय हुनर और स्थानीय उद्योग एक-दूसरे से जुड़ेंगे, तब आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश का लक्ष्य और अधिक मजबूत होगा।
उन्होंने कहा कि तकनीक केवल माध्यम है, वास्तविक सफलता विभागीय टीमों, उद्योगों और सहयोगी संस्थाओं के समन्वित प्रयासों से ही संभव होगी। इस अभिनव पहल को सफल बनाने में गाजियाबाद की जिला टीम, विभागीय अधिकारियों तथा सहयोगी संस्थाओं के योगदान की भी उन्होंने सराहना की।
व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमिता विभाग के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन द्वारा संचालित इस पहल में ईवाई, एकस्टेप फाउंडेशन (EkStep Foundation) तथा हेड हेल्ड हाई फाउंडेशन तकनीकी एवं संस्थागत सहयोग प्रदान कर रहे हैं। इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से युवाओं, महिलाओं, प्रशिक्षण संस्थानों, उद्योगों तथा नियोक्ताओं को एक साझा डिजिटल मंच पर जोड़ा जाएगा, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने की प्रक्रिया अधिक सरल, पारदर्शी और प्रभावी बनेगी।
मंत्री अग्रवाल ने बताया कि गाजियाबाद में संचालित पायलट परियोजना ने बेहद उत्साहजनक परिणाम दिए। कुछ ही महीनों में 16 हजार से अधिक स्थानीय रोजगार अवसरों और 15 हजार से अधिक इच्छुक अभ्यर्थियों का सफल पंजीकरण किया गया। यह उपलब्धि उद्योगों के सीमित दायरे को जोड़ने के बावजूद प्राप्त हुई, जिससे स्पष्ट है कि पूरे प्रदेश में इस पहल के माध्यम से रोजगार सृजन की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बड़ी चुनौती यह है कि एक ही क्षेत्र में रोजगार के अवसर और योग्य अभ्यर्थी उपलब्ध होने के बावजूद जानकारी के अभाव में दोनों एक-दूसरे तक नहीं पहुंच पाते। परिणामस्वरूप उद्योगों को आवश्यक मानव संसाधन नहीं मिलता और युवाओं को रोजगार के लिए दूर-दराज भटकना पड़ता है। 'ब्लू डॉट्सएआई' इसी को समाप्त करने का प्रभावी माध्यम बनेगा। स्थानीय भाषा आधारित वॉयस सुविधा और लोकेशन आधारित मैपिंग के जरिए यह प्लेटफॉर्म युवाओं एवं उद्योगों के बीच सीधा संपर्क स्थापित करेगा।
मुजफ्फरनगर में स्थापित पहला संयुक्त सुविधा केंद्र क्षेत्रीय समन्वय, निगरानी और सेवा वितरण का प्रमुख केंद्र होगा। आगामी चरणों में प्रदेश के सभी 18 मंडलों में ऐसे केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जहां जिला उद्योग केंद्र, श्रम विभाग, रोजगार कार्यालय, आईटीआई, पॉलिटेक्निक, उच्च शिक्षण संस्थान, उद्योग संघ, एमएसएमई, स्टार्टअप्स तथा अन्य स्थानीय साझेदार संस्थाएं एकीकृत रूप से कार्य करेंगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / मोहित वर्मा