मुरादाबाद जिला अस्पताल के पोषण पुनर्वास केंद्र ने 1,148 गंभीर अति कुपोषित बच्चों की संवारी जिंदगी

 




मुरादाबाद, 09 अगस्त (हि.स.)। उत्तर प्रदेश में कुपोषण के खिलाफ लड़ी जा रही जंग में मुरादाबाद जिला अस्पताल का पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) प्रदेश के लिए एक मिसाल बनकर उभरा है। इस केंद्र ने बीते करीब साढ़े चार वर्षों में 1,148 गंभीर अति कुपोषित बच्चों को मौत के मुंह से निकालकर नया जीवन दिया है।

जिला अस्पताल मुरादाबाद के चिकित्सा अधीक्षक एवं बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. राजेंद्र कुमार ने रविवार काे बताया कि जिला अस्पताल में बने पोषण पुनर्वास केंद्र में अति कुपोषित बच्चों को नया जीवन देने के लिए एक तय और बेहद कड़ा डाइट प्रोटोकॉल लागू है। भर्ती होने वाले बच्चों को डाइटिशियन की निगरानी में एफ-75 और एफ-100 जैसी हाई-एनर्जी और हाई-प्रोटीन डाइट दी जाती है। इस डाइट में सूजी का हलवा, दूध में देसी घी, वेजिटेबल सूप, फलों का रस और मूंग दाल की खिचड़ी शामिल होती है। इस विशेष दिनचर्या का ही कमाल है कि औसतन 14 दिनों के भीतर 95 फीसदी बच्चे पूरी तरह स्वस्थ हो जाते हैं और उनके वजन में 15 फीसदी तक का इजाफा हो जाता है। जो बच्चे 14 दिन में रिकवर नहीं हो पाते, उन्हें 28 दिन तक रोककर विशेष उपचार दिया जाता है।

जिला अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक एवं बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. राजेंद्र कुमार के निर्देशन में इस केंद्र का संचालन हो रहा है। एनआरसी के डिस्ट्रिक्ट नोडल अधिकारी डॉ. प्रवीण श्रीवास्तव और केंद्र की मेडिकल ऑफिसर डॉ. द्युति गुप्ता बच्चों के इलाज की कमान संभाले हुए हैं। इसके अलावा अस्पताल में तैनात डीएनबी (पीजी) डॉक्टर भी सुबह-शाम बच्चों के स्वास्थ्य सुधार की नियमित जांच करती हैं। बाल रोग विभाग में होने वाली डीएनबी की पढ़ाई के चलते यहां पीजी छात्र (डॉक्टर) भी चौबीसों घंटे बच्चों की निगरानी के लिए उपलब्ध रहते हैं, जिससे किसी भी आपात स्थिति को तुरंत संभाला जाता है। किसी भी बच्चे की तबीयत बिगड़ने पर उसे तुरंत अस्पताल के चिल्ड्रन वार्ड में शिफ्ट करने की भी व्यवस्था है।

ग्रामीण क्षेत्रों में भी एनआरसी के विस्तार की रूपरेखा

कुपोषण को जड़ से खत्म करने के लिए सिर्फ शहर ही नहीं, बल्कि ग्रामीण इलाकों में भी इस सफलता को दोहराने की तैयारी है। जिले में फिलहाल जिला अस्पताल के अलावा ठाकुरद्वारा में एनआरसी संचालित है। जिले के अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में भी इसका दायरा बढ़ाया जा रहा है। ठाकुरद्वारा के केंद्र को 4 से बढ़ाकर 10 बेड का किया जा रहा है। इसके साथ ही कांठ और बिलारी ब्लॉक में भी 10-10 बेड के नए पोषण पुनर्वास केंद्र स्थापित करने की कार्ययोजना पर काम शुरू कर दिया गया है।

हिन्दुस्थान समाचार / निमित कुमार जायसवाल