कांग्रेस अपनी राजनीतिक और संगठनात्मक कमजोरियों पर आत्ममंथन करे : डॉ शेफाली सिंह
- मुरादाबाद में जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ शेफाली सिंह और महापौर विनोद अग्रवाल ने प्रेस वार्ताओं को किया संबोधित
मुरादाबाद, 28 सितम्बर (हि.स.)। कांग्रेस को अपनी राजनीतिक और संगठनात्मक कमजोरियों पर आत्ममंथन करना चाहिए। प्रशासनिक एवं संवैधानिक विषयों को राजनीतिक मुद्दा बनाकर जनता के बीच भ्रम पैदा करने से कांग्रेस की समस्याओं का समाधान नहीं होगा। चुनावी असफलताओं का ठीकरा बार-बार संवैधानिक संस्थाओं पर फोड़ना लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रति उचित दृष्टिकोण नहीं है।
यह बातें मुरादाबाद में भारतीय जनता पार्टी की महिला नेत्री व जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ शेफाली सिंह चौहान और महापौर विनोद अग्रवाल ने पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कही। पत्रकार वार्ता में कांग्रेस द्वारा चुनाव आयोग एवं अन्य संवैधानिक संस्थाओं को लेकर लगाए जा रहे आरोपों पर जिला पंचायत अध्यक्ष व महापौर ने अपनी बात रखते हुए कहा कि चुनाव आयोग द्वारा 26 सितंबर को जारी संयुक्त बयान में स्पष्ट किया गया है कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन सहित प्रमुख निर्णय आयोग के सभी सदस्यों की सर्वसम्मति से लिए गए हैं। आयोग के अनुसार 24 जून 2025 का मूल आदेश तथा विभिन्न चरणों की समय-सारणी भी पूर्ण सहमति से तय की गई थी। ऐसे में आयोग के भीतर किसी प्रकार के मतभेद के दावे तथ्यों से मेल नहीं खाते।
भाजपा नेताओं ने कहा कि कैबिनेट सेक्रेटरी को भेजे गए पत्र को लेकर विपक्ष द्वारा जिस प्रकार का भ्रम फैलाया गया, चुनाव आयोग ने उसका भी स्पष्ट रूप से खंडन किया है। आयोग के अनुसार यह पत्र किसी नीतिगत निर्णय अथवा एसआईआर से संबंधित नहीं था, बल्कि प्रतिनियुक्ति पर आए एक अधिकारी की प्रशासनिक कार्यप्रणाली से जुड़े आंतरिक विषय तक सीमित था।
उन्होंने कहा कि एक अंग्रेजी दैनिक में प्रकाशित रिपोर्ट को आधार बनाकर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए गए, जबकि आयोग के स्पष्टीकरण के बाद उस रिपोर्ट में किए गए दावों की विश्वसनीयता पर प्रश्न खड़े होते हैं। लोकतांत्रिक संस्थाओं के संबंध में किसी भी आरोप को तथ्यों और प्रमाणों के आधार पर ही देखा जाना चाहिए।
जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ शैफाली सिंह चौहान और महापौर विनोद अग्रवाल ने कहा कि एसआईआर से संबंधित फॉर्म 6 और घोषणा-पत्र को लेकर भी विपक्ष द्वारा भ्रम फैलाने का प्रयास किया गया। इस विषय पर सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष भी सुनवाई हुई है और न्यायालय के आदेश में एसआईआर तथा फॉर्म 6 से जुड़े प्रावधानों का उल्लेख किया गया है। मतदाता सूची की प्रक्रिया में पारदर्शिता और पात्र नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करना लोकतांत्रिक व्यवस्था की मूल आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है और चुनावी प्रक्रिया में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका है। लोकतंत्र में किसी भी संस्था की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने का अधिकार सभी को है, लेकिन आरोप तथ्यों और प्रमाणों पर आधारित होने चाहिए। राजनीतिक असहमति और संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता के बीच अंतर बनाए रखना आवश्यक है। इस अवसर पर भाजपा मुरादाबाद महानगर के अध्यक्ष गिरीश भंडूला, मीडिया प्रभारी अर्चित गुप्ता, मीडिया सह प्रभारी भरत टंडन आदि उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / निमित कुमार जायसवाल