मां विंध्यवासिनी के गर्भगृह में रील की होड़, आस्था पर भारी पड़ रहा मोबाइल कल्चर
मीरजापुर, 20 जनवरी (हि.स.)। मां विंध्यवासिनी मंदिर के गर्भगृह में इन दिनों श्रद्धा से ज्यादा “रील” का बोलबाला नजर आ रहा है। लाइक और कमेंट की होड़ में मंदिर की मर्यादा तार-तार होती दिख रही है। हालात यह है कि गर्भगृह में मौजूद कुछ पुरोहितों से लेकर श्रद्धालुओं तक, मोबाइल हाथ में लिए फिल्मी गानों पर रील बनाते नजर आ रहे हैं।
बताया जा रहा है कि कई लोग देवी मां के दर्शन के दौरान वीडियो कॉलिंग और रील रिकॉर्डिंग में इतने व्यस्त रहते हैं कि दूर-दराज से आए श्रद्धालु झांकी के एक दर्शन के लिए तरस जाते हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि मोबाइल लेकर खड़े लोग रास्ता घेर लेते हैं, जिससे दर्शन में बाधा उत्पन्न होती है। इसी को लेकर आए दिन विवाद की स्थिति भी बन जाती है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पंडा समाज ने कड़ा रुख अपनाया है।
पंडा समाज के अध्यक्ष ने कहा कि गर्भगृह में मोबाइल के अत्यधिक प्रयोग से मंदिर की गरिमा प्रभावित हो रही है। जल्द ही गर्भगृह में मोबाइल पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया जा सकता है और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। पंडा समाज के मंत्री भानु पाठक ने प्रशासन से मांग की है कि गर्भगृह में मोबाइल पूरी तरह बंद किया जाए, ताकि दर्शन व्यवस्था सुचारु हो और मंदिर की पवित्रता बनी रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा