मीरजापुर से बदलेगी पूर्वांचल की औद्योगिक तस्वीर, खुलेंगे निवेश और रोजगार के द्वार

 


- औद्योगिक नक्शे पर उभरेगा विंध्य क्षेत्र, दो प्लेज पार्क को मिली सैद्धांतिक मंजूरी - 12 और 11 एकड़ में बनेंगे प्लेज पार्क, उद्यमियों को मिलेंगे 61 औद्योगिक भूखंड

मीरजापुर, 06 मार्च (हि.स.)। कभी कालीन, पीतल और पारंपरिक उद्योगों के लिए पहचान रखने वाला मिर्जापुर अब आधुनिक औद्योगिक विकास की ओर नया कदम बढ़ा रहा है। जिले को दो प्लेज पार्क (औद्योगिक पार्क) की बड़ी सौगात मिली है, जो विंध्य क्षेत्र समेत पूरे पूर्वांचल में उद्योग और रोजगार के नए अवसर बढ़ाएंगे। एमएसएमई विभाग के अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार की अध्यक्षता में हुई हाई लेवल कमेटी की बैठक में जिले के दो प्लेज पार्कों को सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। खास बात यह है कि ये दोनों प्लेज पार्क पूर्वांचल के पहले प्लेज पार्क होंगे।

जिला उद्योग केंद्र के संयुक्त आयुक्त वीरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि स्वीकृत परियोजनाओं में प्रताप प्लेज पार्क मड़िहान और विंध्य प्लेज पार्क हिनौती शामिल हैं। शासन स्तर से जल्द ही इन परियोजनाओं के लिए लेटर ऑफ कंफर्ट जारी किया जाएगा। इसके बाद आवश्यक धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी और निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। योजना के अनुसार प्रताप प्लेज पार्क लगभग 12 एकड़ क्षेत्रफल में विकसित किया जाएगा, जहां करीब 40 औद्योगिक भूखंड उद्यमियों को उपलब्ध कराए जाएंगे। वहीं विंध्य प्लेज पार्क लगभग 11 एकड़ क्षेत्र में स्थापित होगा, जिसमें 21 औद्योगिक भूखंड तैयार किए जाएंगे। इन भूखंडों पर ऐसे उद्यमियों को उद्योग स्थापित करने का अवसर मिलेगा जो लंबे समय से औद्योगिक भूमि की तलाश कर रहे हैं।

उद्यमियों को मिलेगा प्रोत्साहन, आकर्षित होंगे निवेशक

विशेषज्ञों का मानना है कि इन परियोजनाओं के शुरू होने से मिर्जापुर में औद्योगिक निवेश का नया माहौल बनेगा। इससे न केवल स्थानीय उद्यमियों को प्रोत्साहन मिलेगा बल्कि आसपास के जिलों के निवेशक भी यहां उद्योग लगाने के लिए आकर्षित होंगे। उद्योग स्थापित होने से जिले में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

पूर्वांचल के औद्योगिक भविष्य की मजबूत नींव

संयुक्त आयुक्त वीरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि ये दोनों प्लेज पार्क पूर्वांचल के पहले प्लेज पार्क होंगे, जो क्षेत्र के औद्योगिक विकास को नई दिशा देंगे। शासन से औपचारिक स्वीकृति और धनराशि मिलने के बाद निर्माण कार्य तेजी से शुरू होगी। उनका कहना है कि इन परियोजनाओं से मिर्जापुर ही नहीं बल्कि पूरे पूर्वांचल में निवेश, उद्योग और रोजगार का नया दौर शुरू हो सकता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा