‘जल है तो कल है’ के नारों के साथ छात्राओं ने रैली निकालकर दिया जल संरक्षण का संदेश

 


मीरजापुर, 16 मार्च (हि.स.)। जीडी बिनानी पीजी कालेज में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) की दोनों इकाइयों के संयुक्त तत्वावधान में चल रहे सात दिवसीय विशेष शिविर के छठवें दिन सोमवार को जल संरक्षण को लेकर जागरूकता अभियान चलाया गया। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने चयनित गांवों में रैली निकालकर लोगों को जल बचाने का संदेश दिया।

रैली के दौरान छात्राओं ने गांव की गलियों में घूमते हुए जल है तो कल है, जल ही जीवन है, जल बचाओ–जीवन बचाओ जैसे जागरूकता नारे लगाए। हाथों में तख्तियां लिए छात्र-छात्राएं लोगों को जल के महत्व के प्रति जागरूक करते नजर आए। रैली निर्धारित मार्गों से होते हुए पुनः शिविर स्थल पर पहुंचकर समाप्त हुई।

द्वितीय सत्र में जल संरक्षण विषय पर एक विचार गोष्ठी आयोजित की गई, जिसमें नागरिक सेवा एवं सुरक्षा तथा सामाजिक कार्य के प्रतिनिधि शैलेंद्र अग्रहरी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि मानव शरीर का लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा जल से बना है, इसलिए बिना जल के जीवन की कल्पना संभव नहीं है।

उन्होंने कहा कि जल की एक-एक बूंद की कीमत समझना जरूरी है। यदि आज से ही जल संरक्षण के लिए गंभीर प्रयास नहीं किए गए तो आने वाली पीढ़ियों को पानी के संकट का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों को वर्षा जल संचयन (रेन वाटर हार्वेस्टिंग) की उपयोगिता बताते हुए कहा कि वर्षा के पानी को संरक्षित कर भूगर्भ जल स्तर को बढ़ाया जा सकता है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. डॉ. अशोक कुमार सिंह ने की। कार्यक्रम अधिकारी डॉ. आशुतोष कुमार तिवारी ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया, जबकि डॉ. राम मोहन अस्थाना ने आभार व्यक्त किया। अंत में छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर शिविर में उत्साह का माहौल बना दिया।

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हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा