रामलीला में मेघनाद ने लक्ष्मण को किया मूर्छित
- आठवें दिन अंगद-रावण संवाद और रामेश्वरम पूजन का हुआ जीवंत मंचन
मीरजापुर, 06 नवंबर (हि.स.)। विंध्याचल के मोती झील मार्ग स्थित रामलीला स्थल पर गुरुवार रात आठवें दिन की लीला देखने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। कलाकारों ने लंका में हनुमान के आगमन, रामेश्वरम पूजन, अंगद-रावण संवाद और मेघनाद द्वारा लक्ष्मण को मूर्छित करने के प्रसंग का मंचन किया। कलाकारों के अभिनय और मानस की चौपाइयों ने वातावरण भक्तिमय बना दिया। दर्शक जयकारे लगाते रहे।
लीला के क्रम में प्रभु श्रीराम समुद्र तट पर रामेश्वरम महादेव की स्थापना कर पूजन करते हैं। नल-नील के सहयोग से समुद्र पर सेतु निर्माण के बाद राम वानर सेना के साथ लंका पहुंचते हैं। युद्ध से पहले श्रीराम अंगद को दूत बनाकर रावण के दरबार में भेजते हैं। अंगद रावण को माता सीता को लौटाकर प्रभु श्रीराम से क्षमा मांगने की सलाह देते हैं। रावण क्रोधित होकर उन्हें बंदी बनाने का आदेश देता है। इसके बाद युद्ध में मेघनाद ब्रह्मशक्ति का प्रयोग कर लक्ष्मण को मूर्छित कर देता है। रामादल में शोक छा जाता है। उपचार के लिए सुषेन वैद्य को लाने और संजीवनी बूटी की व्यवस्था का प्रसंग भी मंचित किया गया।
श्री विंध्य पंडा समाज के अध्यक्ष पंकज द्विवेदी और मंत्री भानु पाठक ने हनुमान जी की आरती-पूजन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। पिछड़ा आयोग के उपाध्यक्ष एवं राज्यमंत्री सोहनलाल श्रीमाली विशिष्ट अतिथि रहे। नगर विधायक रत्नाकर मिश्रा के पुत्रों ने भी रामलीला को भारतीय संस्कृति और सभ्यता का प्रतीक बताया। संचालन आदर्श उपाध्याय ने किया। व्यास की भूमिका गोपी मिश्रा ने निभाई। कमेटी के पदाधिकारी और सदस्य व्यवस्था में जुटे रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा