बाराबंकी में 1250 करोड़ का फार्मा प्रोजेक्ट, दो हजार से अधिक युवाओं को रोजगार

 


बाराबंकी, 20 अगस्त (हि.स.)। उत्तर प्रदेश काे प्रदेश को फार्मास्युटिकल मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में बाराबंकी ने बड़ी छलांग लगाई है। बाराबंकी मेडिकल पार्क में बाॅयोजेंटा ग्लोबल की 1250 करोड़ रुपये की फार्मास्युटिकल परियोजना का भूमि पूजन एवं शिलान्यास हुआ। करीब 13 एकड़ में बनने वाली इस फैक्ट्री में एंटी-कैंसर दवाओं के साथ ह्युमन हार्मोन्स और अन्य महत्वपूर्ण जीवनरक्षक दवाओं का निर्माण किया जाएगा। परियोजना से दो हजार से अधिक युवाओं को रोजगार मिलने की उम्मीद है।

भूमि पूजन कार्यक्रम में एफएसडीए की कमिश्नर रोशन जैकब ने कहा कि प्रदेश सरकार गुणवत्तापूर्ण दवा निर्माण को बढ़ावा देने के साथ निवेशकों के लिए बेहतर औद्योगिक वातावरण तैयार कर रही है। एफएसडीए एक ओर नकली और अवैध दवाओं के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई कर रहा है, वहीं दूसरी ओर फार्मास्युटिकल एवं मेडिकल डिवाइस पॉलिसी-2023 के तहत निवेश को धरातल पर उतारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

उन्होंने बताया कि हाल में लखनऊ में आयोजित नेशनल फार्मा कॉन्क्लेव के दौरान 17 इकाइयों को लेटर ऑफ कंफर्ट (एलओसी) दिए गए थे। इनमें बायोजेंटा साइट पर काम शुरू करने वाली पहली इकाई बन गई है। सात अन्य इकाइयां उत्पादन भी शुरू कर चुकी हैं। बायोजेंटा ग्लोबल के एमडी दीपनारायण शर्मा ने कहा कि कंपनी की 35 देशों में मौजूदगी है। बाराबंकी में प्रस्तावित इकाई में कैंसर की दवाओं, हार्मोन्स और अन्य जीवनरक्षक दवाओं का निर्माण किया जाएगा। कंपनी का लक्ष्य गुणवत्तापूर्ण दवाओं के साथ प्रदेश के युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार उपलब्ध कराना है।

कार्यक्रम में एमएसएमई राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा, यूपीसीडा के सीईओ बलकार सिंह, मुख्यमंत्री के सलाहकार जीएन सिंह समेत कई अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों के अनुसार बाराबंकी में यह निवेश प्रदेश के फार्मा सेक्टर को नई गति देने के साथ जिले को औद्योगिक मानचित्र पर भी मजबूत पहचान दिलाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज कुमार चतुवेर्दी